कसडोल। छत्तीसगढ़ वन विकास निगम बार नयापारा परियोजना मंडल के अंतर्गत परियोजना परिक्षेत्र रवान रेंज में पिछले सप्ताह भर से जंगलों में भयंकर आग लगी हुए है, जिससे भारी मात्रा में लाखों रुपए की इमारती लकड़ी जलकर राख हो गई । इसी तरह विकासखण्ड के लगभग सभी वन परिक्षेत्रों में आग लगने से भारी मात्रा में इमारती लकड़ियों के जल कर राख हो जाने से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं वन्य जीवों का भी बड़ी संख्या में नुकसान की आशंका जताई जा रही है ।

छत्तीसगढ़ वन विकास निगम बार नयापारा परियोजना मंडल के अंतर्गत परियोजना परीक्षेत्र रवान रेंज में पिछले सप्ताह भर से कई स्थानों पर भारी आग लगी हुई है। आग लगने से शासन को लाखों का नुकसान पहुंचा है। हालांकि नुकसान का आंकड़ा विभाग द्वारा ध्यान नहीं दिया जाता पर देखने से यह लगता है कि करीब पचास लाख से भी ऊपर की इमारती सागौन लकड़ी, जलाउ चट्टा जलकर खाक हो गए। वन विकास निगम द्वारा हर वर्ष कूप कटाई की जाती है। इस वर्ष प्रत्येक बीट में कूप कटाई का कार्य हुआ है। जिसके तहत सागौन मिश्रित प्रजाति वृक्ष की कटाई कार्य किया गया था जिसकी लकड़ी जलकर खाक हो गए। जिसमे रवान के पास, रवान से रायतुम मार्ग गाजार्डिह, कोहबहरा, मुरमदिह में भी भारी नुकसान हुआ है। ग्राम मोहदा के पास बालम दही नाला एवं बल्दा कछार मार्ग पूरी तरह से जलकर राख हो गया है। जंगल में पड़ी बल्ली, लट्ठा, गोला, डेंगरी, जलाऊ चट्टा हजारों लाखों की संख्या में जल चुका है जिसका सही मायने में मूल्यांकन किया जाए तो लाखों में होगा ।

जंगल में दो ग्रामीण आग बुझाने जा रहे थे। उनसे बात करने पर नाम न छापने की शर्त पर उन्होंने बताया कि जब से कूप कटाई हुआ है वहां पर कटे हुए जलाऊ लकड़ी और इमारती सागौन जलकर खाक हो गए हैं। इसी तरह पिछले दिनों विकास खण्ड के वन परिक्षेत्र लवन, बारनवापारा, कोठारी, अर्जुनी, सोनाखान एवं देवपुर सहित सभी वन परिक्षेत्र में कई जगह आग लगी हुई थी और अभी भी लगी हुई है। उल्लेखनीय है कि यहाँ प्रतिवर्ष आग लगने के साथ भारी मात्रा मे शिकार होने के कारण एक ओर जहां जंगल सिमटते जा रहा है, वही जंगली जानवरों की संख्या में भारी कमी हुई है। यदि समय रहते जंगल और जंगली जानवरों को नही बचाया गया तो भविष्य में यह एक कहानी बन कर रह जाएगी।

मुख्यालय में नहीं रहते कर्मचारी

वन विभाग के कर्मचारियों से संपर्क करने पर संपर्क नहीं हो पाता। रवान में क्वार्टर तो बने हुए हैं मगर वहां भी कोई कर्मचारी देखने को नहीं मिला। पता चला कि मुख्यालय में निवास ही नहीं करते हैं। रेंज के रूप में यहां ऑफिस भी है मगर नहीं खुलता। रवान के तीन चार ग्रामीणों से चर्चा करने पर उन्होंने बताया कि विभाग के नुमाइंदे मुख्यालय में नहीं रहते। यह लोग सब महासमुंद अपने गृह निवास से आना-जाना कर करते हैं। अभी भी कई स्थानों पर आग की लपटें और धुआं धुआं दिखाई दे रहा है। इससे यह पता चलता है कि आग लगना अनवरत जारी है।

सुरक्षा के लिए नहीं है फायर वाचर

बताया जाता है कि वन विकास निगम द्वारा अग्नि सुरक्षा के लिए एक भी चौकीदार फायर वाचर नहीं लगाया गया है जिसका परिणाम दूसरे सामान्य वन परिक्षेत्र वालों को भुगतना पड़ता है । सामान्य वन परिक्षेत्र के एक कर्मचारी ने बताया कि वन विकास निगम के अधिकारी कर्मचारियों को आग लगने की खबर देने से स्पष्ट कहते हैं कि जंगल में आग नहीं लगेगी तो कहां लगेगी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विकास निगम के लोग जंगल बचाने कितना गंभीर हैं। वहीं वन विकास निगम विभाग वाले, तेंदूपत्ता ठेकेदार के ऊपर आग लगने का आरोप लगाते हैं किंतु इस वर्ष 1 माह पहले बूटा कटाई का कार्य हो चुका है। ऐसे में यह कैसे संभव होगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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