
बलौदाबाजार (निप्र)। देश में बढ़ती महंगाई पर चौतरफा हमला झेल रही केन्द्र की मोदी सरकार पिछली यूपीए सरकार की तरह ही जमाखोरी वाला राग अलाप रही है। मोदी सरकार के ही सांसद रमेश बैस का कहना है कि महंगाई का मुख्य कारण जमाखोरी है। इसे एकदम से खत्म नहीं किया जा सकता। जमाखोरी की आदत बदलने में समय लगता है।
उन्होंने खाद्य वस्तुओं के महंगे दामों पर कहा कि केन्द्र तथा राज्य सरकार इस समस्या को मिलकर सुलझाने में लगी हुई है। एक दो माह के अंदर वस्तुओं के दाम नियंत्रित हो जाएंगे। बढ़ते पेट्रोल-डीजल के दामों पर सांसद ने साफ कर दिया है इनके दामों पर कोई कंट्रोल नहीं कर सकते। अंतरराष्ट्रीय दाम प्रति बैरल बढ़ेंगे तो यहां भी दाम बढ़ेंगे ही। हम कुछ नहीं कर सकते।
जिले में संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं एवं विकास कार्य की समीक्षा बैठक लेते हुए सांसद श्री बैस ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य निर्माण के साथ झारखंड एवं उत्तराखंड राज्य का निर्माण भी हुआ है किन्तु छत्तीसगढ़ में शासकीय अमला एवं जनप्रतिनिधियों द्वारा सामंजस्य बनाकर कार्य करने से आज छत्तीसगढ़ विकास की दृष्टि से उक्त दोनों राज्यों में अग्रणी है।
बैठक में लिए गए निर्णयों के परिपालन प्रतिवेदन की जानकारी विभागीय अधिकारियों द्वारा नहीं दिए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शिक्षा एवं स्वास्थ्य गुणवत्ता में सुधार लाने के लिये संबंधित अधिकारियों को पूर्ण जिम्मेदारी के साथ दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
जीतने के बाद नहीं किया आभार प्रदर्शन
क्षेत्र में इस बात को लेकर जमकर चर्चा रही कि लोकसभा चुनाव के नतीजों को दो माह बीत चुके हैं मगर क्षेत्र के सांसद अभी तक क्षेत्र के लोगों के समक्ष आभार प्रदर्शन करने नहीं आए। जबकि पिछले लोकसभा चुनाव में बलौदाबाजार शहर से 4 हजार वोटो से पिछड़ने के बावजूद नतीजों के कुछ दिनों बाद ही सांसद ने विजय जुलुस निकालकर आभार प्रदर्शन किया था।
इस बार के चुनावों में बलौदाबाजार शहर से बैस को 7743 मतों की बढ़त मिली है। बावजूद इसके अभी तक क्षेत्र की जनता से न मिले है और न ही आभार प्रदर्शन किया है। आज उनका चुनाव जीतने के बाद नगर में प्रथम आगमन था।