फिंगेश्वर (नईदुनिया न्यूज)। फिंगेश्वर राशन दुकानों का संचालन महिला समूहों द्वारा किए जाने से जहां महिलाएं घर से निकलकर आमदनी करने लगी है वहीं महिलाओं में आत्मनिर्भरता के साथ साथ पैसा कमाने का जज्बा बढ़ा है। कम आमदनी से पहले कभी भरण पोषण करना मुश्किल हो रहा था। बच्चों को पढ़ाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। लेकिन जब से शासकीय उचित मूल्य की दुकान महिलाएं चला रही हैं।
तब से आर्थिक तंगी तो दूर हुई ही साथ ही समूह की सभी 10 महिलाओं को रोजगार देकर उन्हें भी सक्षम बनने का अवसर मिल रहा है। ये कहना है नगर पंचायत फिंगेश्वर में शासकीय उचित मूल्य की दुकान चलाने वाली फिंगेश्वर जागरण महिला स्व सहायता समूह की अध्यक्ष चंचल यदु ने बताया कि उनका महिला समूह सितंबर 2021 से राशन दुकान चला रहा है। इस समय उनकी दुकान से वार्ड के सैकड़ों लोगों को राशन दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना कोर पीडीएस से जुड़कर महिला समूह के सदस्यों की आमदनी तो बढ़ रही है। साथ-साथ समाज सेवा का अवसर भी मिल रहा है।
हम लोगों की पहचान पहले घरेलू, कामकाजी महिला के रूप में होती थी हम महिलाएं घर परिवार में ही सिमट कर रह जाती थी, लेकिन जब से सरकार ने राशन दुकान संचालन का जिम्मा हम महिला समूह की दीदीयों को सौपा है तब से हमारा सामाजिक भागीदारी का दायरा भी बढ़ गया है। शासकीय उचित मूल्य दुकान में टेबलेट और ईपॉस मशीन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण हमारे समूह की महिलाओं द्वारा किया जाता है जिससे वे वर्तमान की आधुनिक जगत के साथ तकनीकी फ्रैंडली भी हुई है। इसके लिए हम छत्तीसगढ़ सरकार और मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद देते है। खाद्य अधिकारी जेजे नायक ने बताया कि वर्तमान में 23 शासकीय उचित मूल्य दुकान का संचालन महिला स्व सहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है जिससे सीधे 230 महिलाओं को रोजगार मिला है।