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बालोद के जिला अस्पताल परिसर में आधी रात भालू की दस्तक, वन विभाग से कार्रवाई की मांग

छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय स्थित जिला अस्पताल परिसर में रात के वक्त भालू के पहुंचने से हड़कंप मच गया। इस अप्रत्याशित घटना के कारण अस्पताल कर्मिय...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 27 Aug 2026 05:45:53 PM (IST)Updated Date: Thu, 27 Aug 2026 05:47:14 PM (IST)
बालोद के जिला अस्पताल परिसर में आधी रात भालू की दस्तक, वन विभाग से कार्रवाई की मांग
अस्पताल परिसर में चहलकदमी करता जंगली भालू।- सीसीटीवी

HighLights

  1. जिला मुख्यालय बालोद के अस्पताल परिसर में भालू आया
  2. देर रात भालू की उपस्थिति से लोगों में दहशत फैली
  3. वन विभाग से वन्यजीव को सुरक्षित जंगल भेजने की मांग

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय स्थित शासकीय जिला अस्पताल परिसर में गुरुवार की रात एक भालू के अचानक पहुंच गया। रात करीब एक बजे वन्यजीव के अस्पताल परिसर में खुलेआम घूमने की खबर सामने आते ही चिकित्सा कर्मियों, मरीजों के परिजनों और आसपास के स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल बन गया। अस्पताल जैसे अत्यंत संवेदनशील, महत्वपूर्ण और हमेशा व्यस्त रहने वाले सार्वजनिक स्थान पर किसी भालू की मौजूदगी ने लोगों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, भालू रात के सन्नाटे और अंधेरे में जिला अस्पताल के मुख्य परिसर के भीतर दाखिल हुआ और काफी देर तक बेखौफ होकर घूमता रहा। गनीमत यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना या जनहानि नहीं हुई, अन्यथा स्थिति बेहद खतरनाक हो सकती थी। हालांकि, रात के समय अस्पताल में मौजूद तीमारदारों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों में इस वन्यजीव की दस्तक से भारी भय व्याप्त हो गया। किसी ने भी इस खतरनाक स्थिति में बाहर निकलने का साहस नहीं जुटाया।


शहरी इलाकों में बढ़ रही आवाजाही

गौरतलब है कि बालोद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के साथ-साथ अब आबादी वाले शहरी और रिहायशी इलाकों में भी जंगली जानवरों की आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। वनों के कटान और प्राकृतिक आवासों के सिमटने के कारण वन्यजीव भोजन और पानी की तलाश में मानवीय बस्तियों की ओर रुख करने लगे हैं। अब जिला मुख्यालय के मुख्य चिकित्सालय परिसर तक भालू के पहुंच जाने की इस घटना ने वन विभाग के प्रशासनिक अमले के सामने भी एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।

वन विभाग सतर्क रहे

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय नागरिकों और अस्पताल प्रबंधन ने वन विभाग से तत्काल सख्त कदम उठाने की अपील की है। लोगों ने मांग की है कि वन विभाग की विशेष टीम को इस क्षेत्र में तैनात किया जाए ताकि भालू की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखी जा सके और उसे सुरक्षित तरीके से वापस उसके प्राकृतिक जंगल क्षेत्र में खदेड़ा जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों को विशेष रूप से रात के वक्त अकेले बाहर न निकलने और पूरी सतर्कता बरतने की हिदायत दी है। इस अप्रत्याशित घटना ने एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर शहरी बस्तियों में वन्यजीवों का दखल इस कदर क्यों बढ़ता जा रहा है।