Chhattisgarh News: बोहारडीह में जुड़वां बच्चों से बन रही गांव की पहचान, एक दो नहीं इतने हैं जुड़वां बच्चे
Chhattisgarh News:अक्सर जुड़वां बच्चों से जुड़ी कहानियां आम होती हैं लेकिन बालोद जिले का बोहारडीह गांव इस कल्पना को हकीकत में जी रहा है। यहां के शासकीय स्कूल में एक-दो नहीं, पूरे चार जुड़वां जोड़े एक साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। चलिए, जानते हैं इसके बारे में।
Publish Date: Mon, 14 Jul 2025 04:25:17 PM (IST)
Updated Date: Mon, 14 Jul 2025 08:03:29 PM (IST)
बालोद जिले का बोहारडीह गांव जुड़वा बच्चों की कहानीHighLights
- बालोद जिले का बोहारडीह गांव जुड़वा बच्चों के लिए चर्चा में
- स्कूल में पूरे चार जुड़वां जोड़े एक साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं
नईदुनिया न्यूज, बालोद। फिल्मों में जुड़वां बच्चों की कहानियां आम होती हैं, लेकिन बालोद जिले का बोहारडीह गांव इस कल्पना को हकीकत में जी रहा है। यहां के शासकीय स्कूल में एक-दो नहीं, पूरे चार जुड़वां जोड़े एक साथ शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। यही वजह है कि यह छोटा-सा गांव इन दिनों क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है।
इन बच्चों में शामिल हैं नूतेश-नूतांश, वेदिका-वेदांशी, डेनिशा-डेलिशा और नीला-नीलिमा। कोई आंगनबाड़ी में है, कोई पहली कक्षा में, तो कोई हायर सेकेंडरी तक पहुंच चुका है। उम्र में भले ही फर्क हो, लेकिन इन सभी बच्चों में पढ़ाई के प्रति गंभीरता, अनुशासन और आत्मविश्वास एक जैसा है।
स्कूल में सकारात्मक माहौल
शिक्षक भी मानते हैं कि इन जुड़वां बच्चों की उपस्थिति ने स्कूल के माहौल को सकारात्मक रूप से बदल दिया है। शिक्षिका साधना नेताम कहती हैं कि इन बच्चों ने कक्षाओं को रोचक बना दिया है। इनसे अन्य बच्चे भी प्रेरित हो रहे हैं।
उनका यह भी मानना है कि चेहरों की समानता के बावजूद हर बच्चा अपने स्वभाव से अलग पहचान बनाता है — कोई शांत है, कोई चंचल, तो कोई अत्यंत जिज्ञासु।
अभिनव संयोग और प्रशासन की भूमिका
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रत्नाबाई यादव बताती हैं कि इन बच्चों की प्रगति पर विशेष ध्यान दिया जाता है और सभी में सीखने की जबरदस्त ललक दिखाई देती है।
उपसरपंच तारा मंडावी का कहना है कि गांव में शासकीय योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन हुआ है और इन बच्चों को इसका भरपूर लाभ मिला है।
गांव के बुजुर्ग गिरवर श्याम भावुक होकर कहते हैं, “कभी नहीं सोचा था कि हमारे छोटे से गांव में जुड़वां बच्चों की इतनी बड़ी कतार होगी। यह अपने आप में एक अनोखा संयोग है।”