
नईदुनिया प्रतिनिधि, दल्लीराजहरा। छत्तीसगढ़ के दल्लीराजहरा में स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों को टोल प्लाजा पर वित्तीय परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिसके विरोध में स्थानीय व्यापारी संघ ने कड़ा रुख अपना लिया है। शुक्रवार को दल्लीराजहरा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद वाधवानी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में व्यापारी और स्थानीय नागरिक जमही टोल प्लाजा पहुंचे और प्रदर्शन किया। संघ का स्पष्ट कहना है कि अन्य मार्गों पर स्थानीय निवासियों को रियायत मिल रही है, लेकिन यहां सौतेला व्यवहार किया जा रहा है।
व्यापारी संघ ने प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया कि दुर्ग, राजनांदगांव और रायपुर मार्ग पर स्थित अन्य टोल प्लाजा पर स्थानीय नागरिकों को केवल आधार कार्ड दिखाने पर टोल शुल्क से पूरी तरह छूट दी जा रही है, जबकि जमही टोल प्लाजा पर इस तरह की कोई सुविधा स्थानीय लोगों को नहीं दी जा रही है।
दल्लीराजहरा, डौंडी, गुरुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों से रोजाना हजारों लोग इसी मार्ग से अपने जरूरी कामकाज के लिए आवागमन करते हैं। ऐसे में उन्हें हर बार अनावश्यक रूप से टोल शुल्क का भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ रहा है, जो सरासर अनुचित और स्थानीय निवासियों के साथ बड़ा भेदभाव है।
व्यापारी संघ ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए टोल प्रबंधन को सात दिनों का अल्टीमेटम दिया है। संघ का कहना है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांवों और स्थानीय नागरिकों को आधार कार्ड के आधार पर मासिक पास अथवा पूर्ण छूट प्रदान की जानी चाहिए। यदि अगले सात दिनों के भीतर प्रबंधन द्वारा इस मांग को स्वीकार नहीं किया गया, तो दल्लीराजहरा में पूर्ण बंद, चक्काजाम और तीव्र उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस संभावित उग्र प्रदर्शन की संपूर्ण जिम्मेदारी टोल प्लाजा प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन की होगी।
इस विरोध प्रदर्शन के दौरान क्षेत्र के प्रमुख व्यापारी और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अशोक लोहिया, संदीप गोगड़, प्रेम जासवाल, अमित जायसवाल, अर्पित गुड़धर, स्वाधीन जैन, अंकित टाटिया, जगदीप गुप्ता, अनिल सुथार, अतुल कोचर और अशोक शाह सहित कई प्रमुख लोगों ने इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया। स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों की इस एकजुटता से स्पष्ट है कि यदि समय रहते प्रशासनिक स्तर पर समाधान नहीं निकाला गया, तो यह मुद्दा और अधिक तूल पकड़ सकता है।