• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
  • मेरी खबरें
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • AI बूटकैंप
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • गणेशोत्‍सव 2026
  • हनुमान अंश
  • Mutual Funds मास्टरी
  • मध्‍य प्रदेश की खबरें
  • राशि परिवर्तन
  • मानसून
  • स्वच्छ जल
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बालोद

छत्तीसगढ़ के जम्ही टोल प्लाजा में भूमिपुत्रों को ही दें 80 पद, 10 किमी में रहने वालों से न हो टोल वसूली, कलेक्टर को ज्ञापन

बालोद जिले के जम्ही में प्रस्तावित टोल प्लाजा पर स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग उठाई गई है। जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम ने कल...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Mon, 21 Sep 2026 06:09:06 PM (IST)Updated Date: Mon, 21 Sep 2026 06:15:49 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के जम्ही टोल प्लाजा में भूमिपुत्रों को ही दें 80 पद, 10 किमी में रहने वालों से न हो टोल वसूली, कलेक्टर को ज्ञापन
कलेक्टर को ज्ञापन सौंपने के पश्चात कलेक्ट्रेट परिसर में मौजूद जिपं सदस्य एवं अन्य। - नईदुनिया

HighLights

  1. जम्ही टोल प्लाजा में स्थानीय युवाओं को मिले प्राथमिकता
  2. दस किलोमीटर की परिधि के निवासियों को मिले टोल राहत
  3. मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-930 पर स्थित जम्ही टोल प्लाजा के संचालन से पहले ही स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के अधिकार का मुद्दा गरमा गया है। टोल प्लाजा के प्रस्तावित तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों पर स्थानीय शिक्षित बेरोजगारों को पहला हक देने की मांग जोर पकड़ने लगी है। जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम के नेतृत्व में बड़ी संख्या में ग्रामीणों और युवाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा और अपनी प्रमुख मांगें रखीं।

ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि जम्ही, गुजरा, सुवरबोड़, दानीटोला और कुसुमकसा सहित आसपास के गांवों में इंजीनियरिंग और अन्य तकनीकी योग्यताओं वाले युवा मौजूद हैं। बड़े पैमाने पर स्थापित होने वाली इस परियोजना से यदि स्थानीय निवासियों को प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिलता है, तो यह क्षेत्र के विकास के उद्देश्यों के विपरीत होगा। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो और स्थानीय युवाओं को चयन प्रक्रिया में पर्याप्त अवसर मिलें।


टोल शुल्क से राहत की मांग

रोजगार के अलावा ग्रामीणों के दैनिक जीवन को ध्यान में रखते हुए टोल प्लाजा से दस किलोमीटर की परिधि में आने वाले स्थानीय वाहनों को शुल्क से मुक्त रखने या विशेष पास जारी करने की मांग की गई है। आए दिन शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि कार्यों के लिए आवागमन करने वाले आम नागरिकों पर यह शुल्क अतिरिक्त आर्थिक बोझ साबित होगा।

प्रशासनिक प्रतिक्रिया और आंदोलन की चेतावनी

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस नीतिगत विषय पर निर्णय राज्य स्तर पर लिया जाएगा, जिसके लिए संबंधित विभागों को पत्र भेजा जाएगा। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो वे शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए बाध्य होंगे। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में राजनीतिक और सामाजिक सरगर्मी बढ़ा दी है।

स्थानीय जमीन तो रोजगार में भी स्थानीयों की हिस्सेदारी हो

जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि जिस क्षेत्र में बड़ी परियोजना स्थापित हो रही है, वहां के स्थानीय लोगों को उससे मिलने वाले रोजगार के अवसरों में उचित प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी रखने तथा स्थानीय युवाओं को आवेदन, परीक्षा, चयन और नियुक्ति प्रक्रिया में पर्याप्त अवसर देने की मांग की।

राज्य स्तर पर भेजा जाएगा प्रस्ताव

प्रतिनिधिमंडल को कलेक्टर ने बताया कि टोल प्लाजा से संबंधित इन मांगों पर निर्णय लेने का अधिकार जिला स्तर पर नहीं है। स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता और स्थानीय वाहनों को टोल राहत सहित अन्य मांगों को लेकर संबंधित विभाग को राज्य स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।

मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन की चेतावनी

नीलिमा श्याम ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मांग नहीं, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के रोजगार और ग्रामीणों के हित से जुड़ा विषय है। यदि स्थानीय योग्य युवाओं को रोजगार में उचित अवसर नहीं दिया गया और स्थानीय वाहन मालिकों की टोल राहत की मांग पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों, युवाओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा।