
नईदुनिया न्यूज़, बालोद। जिले के डौंडीलोहारा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत किसना में पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। गांव की महिला सरपंच, उपसरपंच और दो पंचों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए न्याय की मांग की है। जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि पिछले छह से सात महीनों से उन्हें लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है तथा सामाजिक रूप से बहिष्कृत कर दिया गया है, जिससे पंचायत के विकास कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
ग्राम पंचायत किसना की सरपंच डोमेश्वरी यादव, उपसरपंच एवं दो पंचों ने प्रशासन को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया है कि पंचायत चुनाव में पराजित हुए कुछ लोगों द्वारा उनके कार्यों में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है। उनका कहना है कि उन्हें मनरेगा सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के कार्यों का संचालन नहीं करने दिया जा रहा, जिससे गांव में विकास कार्य लगभग ठप हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों के अनुसार, गांव में उनका सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया है, जिसके कारण उन्हें दैनिक जीवन में भी अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उनका यह भी आरोप है कि पंचायत के अन्य पंचों को ग्रामसभा एवं पंचायत बैठकों में शामिल होने से रोका जा रहा है, ताकि पंचायत के आवश्यक निर्णय और विकास कार्य आगे न बढ़ सकें।
सरपंच डोमेश्वरी यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव के कुछ लोग पंचों को शीतला मंदिर ले जाकर यह शपथ दिलाते हैं कि वे पंचायत की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। यदि कोई पंच बैठक में शामिल होता है तो उसके सामाजिक बहिष्कार के साथ-साथ एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाने की धमकी दी जाती है। इसी भय के कारण कई पंच बैठकों से दूरी बनाए हुए हैं, जिससे पंचायत की कार्यप्रणाली प्रभावित हो रही है।
सरपंच ने बताया कि कुछ समय पूर्व उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था, लेकिन वह पारित नहीं हो सका। उन्हें चार सदस्यों का समर्थन मिला और वे अपने पद पर बनी रहीं। उनका आरोप है कि इसके बाद से विरोधी पक्ष के लोगों ने उनके अलावा उपसरपंच और उन दो पंचों का भी सामाजिक बहिष्कार कर दिया, जिन्होंने उनका समर्थन किया था। इससे गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
सरपंच ने बताया कि पूरे मामले की शिकायत पहले ही देवरी थाने में की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उनका कहना है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के अभाव में गांव का वातावरण लगातार खराब हो रहा है और पंचायत के विकास कार्य बाधित हैं। सरपंच, उपसरपंच और पंचों ने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई करने तथा पंचायत के सुचारू संचालन और विकास कार्यों को पुनः शुरू कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।