
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद: धान खरीदी के अंतिम दिन बालोद जिले के कई खरीदी केंद्रों में गहमागहमी और अव्यवस्था का माहौल देखने को मिला। जहां एक ओर किसान घंटों कतार में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे, वहीं दूसरी ओर प्रशासनिक लापरवाही को लेकर किसानों की नाराजगी भी खुलकर सामने आई। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने प्रदर्शन करते हुए धान खरीदी की तारीख बढ़ाने की मांग भी उठाई।
इसी बीच बालोद जिले के अरमरीकला खरीदी केंद्र से एक चौंकाने वाली और बड़ी खबर सामने आई, जिसने शासन की धान खरीदी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। संजारी विधानसभा की पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू और उनके पुत्र भाजपा प्रदेश किसान मोर्चा कार्यकारिणी एवं जनपद सदस्य नरेश साहू खुद अपने धान बेचने के लिए अरमरीकला खरीदी केंद्र में देर रात बैठे नजर आए। बताया गया कि शुक्रवार को सुबह से रात तक पूर्व विधायक कुमारी बाई साहू अपने बेटे के साथ खरीदी केंद्र में बैठी रही।

खरीदी केंद्र पहुंचे भाजपा नेता नरेश साहू भी व्यवस्था को लेकर खासे नाराज दिखे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सभी जिलों को धान खरीदी सुचारू रूप से करने के निर्देश दिए हैं, लेकिन बालोद जिले का प्रशासन इन निर्देशों को गंभीरता से लागू करता नजर नहीं आ रहा।
नरेश साहू ने बताया कि अरमरीकला खरीदी केंद्र में 15 जनवरी से धान का टोकन कटना बंद है, जिससे सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के अधिकारी सरकार की मंशा पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं।
अपने धान की खरीदी नहीं होने से परेशान नरेश साहू ने सहकारिता विभाग के उपपंजीयक राजेंद्र राठिया से भी शिकायत की। आश्वासन के बाद भी टोकन जारी नहीं किया गया, जिसके चलते उन्हें अपनी वृद्ध माता के साथ अंतिम दिन देर रात तक खरीदी केंद्र में बैठना पड़ा।
बताया गया कि नरेश साहू का 268 क्विंटल धान अंतिम तिथि तक नहीं बिक पाया, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई नरेश साहू ने बालोद कलेक्टर पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि अपनी समस्या से अवगत कराने के लिए कलेक्टर को कॉल किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं किया गया, जिससे उनकी नाराजगी और बढ़ गई।
धान खरीदी की तिथि आगे बढ़ाने के कयासों के बीच शुक्रवार को खरीदी समाप्त हो गई। शुक्रवार शाम 7 बजे तक कि स्तिथि में करीबन 7 हजार 300 किसान धान बेचने से वंचित रहे गए है। वहीं पिछले साल के मुकाबले इस वर्ष लगभग 5 लाख क्विंटल धान की खरीदी कम की गई हैं। जिले में धान खरीदी के आखिरी दिन शुक्रवार को 31 जनवरी तक 1 लाख 47 हजार 738 हजार किसानो के द्वारा 69 लाख 91 हजार 831 क्विंटल धान की बिक्री कर ली गई है।
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इस तरह से जिले में 1,665 करोड़ रूपये से अधिक की राशि की धान खरीदी की गई है। सीसीबी नोडल से मिली जानकारी अनुसार 1 लाख 55 हजार 119 पंजीकृत किसानों में से 1 लाख 47 हजार 738 किसानो में धान बेचा है, 7 हजार 381 किसान धान बेचने से वंचित रह गए हैं।
95.24 प्रतिशत किसानों ने अपनी उपज सरकार को बेची हैं। कुल उपार्जित 1 लाख 64 हजार 383 हेक्टेयर में 1 लाख 59 हजार 932 हेक्टेयर की खरीदी जा चुकी हैं। जबकि 10 हजार 181 किसान अपनी उपज बेचने शेष हैं। वहीं 31 जनवरी तक कि स्तिथि में 21 लाख 7 हजार 939 क्विंटल धान की मात्रा मिलर और संग्रहण केंद्र में 11 लाख 86 हजार 441 क्विंटल धान जारी यानि कि कुल 32 लाख 94 हजार 381 क्विंटल धान का उठाव होने के बाद खरीदी केंद्रों में 36 लाख 97 हजार 450 क्विंटल धान उठाव हेतु शेष हैं। धान उठाव का प्रतिशत 47.12 हैं।