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छत्तीसगढ़ के बालोद मे 26 साल से लापता का सुराग नहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर अपहरण का केस दर्ज

छत्तीसगढ़ के बालोद जिले के ग्राम तमोरा से वर्ष 2000 में लापता हुए पंचराम मंडावी का 26 साल बाद भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। परिजनों के अथक प्रयासों के...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Wed, 14 Oct 2026 12:56:07 PM (IST)Updated Date: Wed, 14 Oct 2026 01:00:15 PM (IST)
छत्तीसगढ़ के बालोद मे 26 साल से लापता का सुराग नहीं, हाईकोर्ट के निर्देश पर अपहरण का केस दर्ज
बिलासपुर हाईकोर्ट की तस्वीर। - अर्काइव

HighLights

  1. छब्बीस साल से लापता व्यक्ति का नहीं मिला सुराग
  2. हाईकोर्ट के कड़े निर्देश पर अपहरण का केस दर्ज
  3. बीएनएस की धारा एक सौ चालीस तीन में कार्रवाई

नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में करीब ढाई दशक से लापता एक व्यक्ति के मामले में बड़ा मोड़ आया है। ग्राम तमोरा से वर्ष 2000 में रहस्यमयी परिस्थितियों में गायब हुए पंचराम मंडावी का 26 साल बीत जाने के बाद भी कोई सुराग नहीं लग सका है। लगातार प्रयासों और परिजनों की लंबी कानूनी लड़ाई के बाद अब छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के निर्देश पर बालोद पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण की गंभीर धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर नए सिरे से जांच आरंभ कर दी है।

पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, ग्राम तमोरा निवासी 50 वर्षीय राम कुमार मंडावी ने बताया कि उनका भाई पंचराम मंडावी वर्ष 2000 में बिना किसी को कोई जानकारी दिए अचानक घर छोड़कर चला गया था। घटना के बाद परिवार के सदस्यों ने गांव, आसपास के वन क्षेत्रों और दूर-दराज के सभी रिश्तेदारों के यहां महीनों तक उसकी खोजबीन की, लेकिन कहीं कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई।


कोई तस्वीर भी नहीं

चिंताजनक बात यह भी है कि परिजनों के पास गुमशुदा पंचराम की कोई हालिया या पुरानी तस्वीर तक उपलब्ध नहीं है, जिससे उसकी तलाश में लगातार भारी बाधाएं आ रही हैं।

कंट्रोल रूम और सभी थानों को जारी किया गया था अलर्ट

स्थानीय स्तर पर परिजनों द्वारा सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने पंचराम की तलाश के प्रयास तेज किए थे। दर्ज विवरण के अनुसार, लापता पंचराम मंडावी का रंग सांवला और कद करीब 5 फीट 3 इंच बताया गया है। पुलिस ने मामले में पहले गुमशुदगी दर्ज कर जिला पुलिस कंट्रोल रूम, जिला अपराध शाखा (डीसीबी) सहित जिले के सभी थानों और सीमावर्ती पुलिस चौकियों को तत्काल सूचना प्रेषित की थी। इसके बावजूद इतने वर्षों तक उसका कोई पता नहीं चल सका।

हाईकोर्ट के निर्देश पर बीएनएस की धारा में केस दर्ज

लंबे समय तक कोई सुराग न मिलने और मामले के लंबित रहने पर यह प्रकरण छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर के संज्ञान में लाया गया। हाईकोर्ट द्वारा 25 मई को जारी दिशा-निर्देशों के परिपालन में बालोद थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3) के तहत अपहरण का अपराध दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस बात से इनकार नहीं किया जा सकता कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा पंचराम का गलत इरादे से अपहरण कर उसे किसी गुप्त स्थान पर छिपाकर रखा गया हो।