अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का बालोद में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार, सीएम साय ने दिया कंधा
अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के निधन के पश्चात उनके पैतृक गांव भेंडरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया, जहां मुख्यमंत्री सहित तमाम नेता उपस्थित रहे।
Publish Date: Sat, 31 Oct 2026 06:34:49 PM (IST)Updated Date: Sat, 31 Oct 2026 06:36:52 PM (IST)
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भाजपा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के पार्थिव शरीर को कंधा देते हुए। - नईदुनियाHighLights
- विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का अंतिम संस्कार
- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दिया पार्थिव शरीर कंधा
- भेंडरा गांव में उमड़ा शोक संतप्त जनसैलाब
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जाति विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डोमनलाल कोर्सेवाड़ा का बालोद स्थित गृह ग्राम भेंडरा में शनिवार को अंतिम संस्कार किया गया। राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उनके पार्थिव शरीर को कंधा दिया।
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा के अंतिम दर्शन के लिए उनके पैतृक गांव में जनसैलाब उमड़ पड़ा। प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भेंडरा पहुंचे और अपने साथी विधायक के पार्थिव शरीर को कंधा देकर अंतिम विदाई दी। इस अवसर पर प्रदेश के कई वरिष्ठ मंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे।
राजनीतिक दलों और प्रशासनिक अमले की उपस्थिति
अंतिम संस्कार के इस गमगीन माहौल में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के अलावा रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव, स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, कैबिनेट मंत्री गुरु खुशवंत साहेब और दयालदास बघेल समेत कई दिग्गज नेता उपस्थित रहे।
कांकेर,दुर्ग के सांसद भी रहे उपस्थित
सके साथ ही कांकेर व दुर्ग के सांसद, पूर्व विधायक, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के शीर्ष अधिकारी कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा एवं एसपी किरण गंगाराम चव्हाण ने भी पुष्प चक्र अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। बालोद जिला भाजपा संगठन के तमाम पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भी अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
'डोमनलाल अमर रहें' के गूंजे नारे
अंतिम यात्रा के दौरान 'डोमनलाल कोर्सेवाड़ा अमर रहें' के नारों से पूरा भेंडरा गांव गूंज उठा। शिक्षक के रूप में अपने करियर की शुरुआत कर विधायक बनने तक का उनका सफर संघर्ष और जनसेवा की मिसाल रहा है। उनके सरल स्वभाव, जनता के प्रति समर्पण और क्षेत्र के विकास कार्यों को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।