
नईदुनिया न्यूज, बालोद। डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के ग्राम गुरामी के जंगल में मिले अज्ञात महिला के शव के मामले में पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई। मृतिका के हाथ पर बना ‘के.के.’ टैटू पुलिस के लिए पहला अहम सुराग बना। इसके बाद तकनीकी साक्ष्यों, वैज्ञानिक जांच और मैदानी विवेचना के सहारे पुलिस ने हत्या की कड़ियां जोड़ीं। मामले में डीजे न्यायालय ने आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण थाना डौंडीलोहारा के अपराध क्रमांक 19/26 में धारा 103(1), 238 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत दर्ज किया गया था।
16 जनवरी 2025 को गुरामी के जंगल में महिला का शव मिलने के बाद पुलिस के सामने सबसे पहली चुनौती उसकी पहचान करने की थी। शव के हाथ पर अंग्रेजी अक्षरों में ‘केके’ का टैटू बना हुआ था। पुलिस ने इसे महत्वपूर्ण सुराग मानते हुए तकनीकी और मैदानी स्तर पर जांच शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद मृतिका की पहचान बालोद के ग्राम पाररास निवासी कमला राजपूत के रूप में हुई।
मृतिका की पहचान होने के बाद पुलिस ने उसके संपर्कों, गतिविधियों और घटना से जुड़े हर पहलू की गहनता से जांच की। तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मुकेश सिंह के निर्देशन में थाना पुलिस और साइबर सेल की टीम ने जांच आगे बढ़ाई। घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर महत्वपूर्ण भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्य जुटाए गए। तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया गया और वैज्ञानिक जांच से मिले तथ्यों को मैदानी विवेचना से जोड़ा गया। एक-एक सुराग को जोड़ते हुए पुलिस हत्या के पीछे छिपे आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर आरोपी के विरुद्ध न्यायालय में पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए। मामले की सुनवाई के बाद डीजे न्यायालय ने आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस तरह गुरामी जंगल में हुई सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी पुलिस की वैज्ञानिक और तकनीकी विवेचना से सुलझी और आरोपी को उसके किए की सजा मिली।
उल्लेखनीय है कि 24 जनवरी 2026 को गुरामी जंगल में मिले अज्ञात महिला के सड़ी-गली शव की जांच में हत्या का खुलासा हुआ था। पुलिस के अनुसार पाररास निवासी नेमीचंद साहू (30) का मृतिका कमला से सात साल से प्रेम संबंध था। 16 जनवरी 2026 को दोनों गुरामी जंगल में मिले, जहां शादी और अन्य लोगों से फोन पर बात करने को लेकर विवाद हुआ। आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या की, फिर करीब 50 मीटर जंगल के अंदर ले जाकर सिर व चेहरे पर पत्थर से वार किया और शव को पत्थरों से ढककर फरार हो गया था।