
नईदुनिया प्रतिनिधि, बालोद। छत्तीसगढ़ के बालोद जिला मुख्यालय और आसपास के रिहायशी इलाकों में साधु के वेश में संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त उत्तर प्रदेश के तीन व्यक्तियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपियों में पिता और पुत्र भी शामिल हैं। शहर की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने तीनों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की प्रतिबंधात्मक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस से प्राप्त अधिकृत जानकारी के अनुसार, तीनों संदिग्ध व्यक्ति भगवा वस्त्र धारण कर पिछले तीन दिनों से बालोद नगर के सदर रोड, अंदरूनी बस्तियों और समीपवर्ती ग्रामीण इलाकों में घूम-घूम कर भिक्षा मांग रहे थे। गश्त और निगरानी के दौरान पुलिस को इनकी गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ में पता चला कि ये सभी बाहरी क्षेत्रों से आए हैं और बालोद जिले में प्रवेश करने के बाद भी इन्होंने स्थानीय थाने में नियमानुसार मुसाफिरनामा (आगंतुक पंजीयन) दर्ज नहीं कराया था। संदेह गहराने पर पुलिस ने दो व्यक्तियों को सदर रोड से और एक को सिवनी क्षेत्र से अभिरक्षा में ले लिया।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों की पहचान उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले के थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खोरमपुर निवासी विद्यासागर (41), पिता बसंतलाल और उनके 18 वर्षीय पुत्र कृष्ण सागर के रूप में हुई है। वहीं, तीसरे आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के ग्राम पकड़ी रवदुपुर निवासी अतुल पाण्डेय (41), पिता आत्माराम पाण्डेय के रूप में की गई है। पुलिस की प्राथमिक पूछताछ में तीनों आरोपी बालोद में अपने रुकने, आने के उद्देश्य और बिना सत्यापन घूमने को लेकर कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके।
क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों की रोकथाम के उद्देश्य से बालोद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएसएस (BNSS) की धारा 170, 126 तथा 135(3) के तहत वैधानिक प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। इसके बाद आवश्यक दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कर आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश किया गया। न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजने का आदेश जारी कर दिया।
इस कार्रवाई के माध्यम से पुलिस प्रशासन ने आम जनता, व्यापारियों और मकान मालिकों से अपील की है कि वे सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। किसी भी अनजान या बाहरी व्यक्ति को बिना पहचान पत्र के घर या दुकान में शरण न दें। यदि कोई अजनबी, साधु, फेरीवाला या घरेलू कामगार संदिग्ध अवस्था में दिखे, तो तुरंत नजदीकी पुलिस थाने या आपातकालीन हेल्पलाइन 112 पर जानकारी दें। साथ ही किराएदारों और बाहरी कामगारों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं।