• Jagran.com
  • Jagran Josh
  • Her Zindagi
  • Onlymyhealth
  • Jagran TV
  • Vishvas News
  • Inextlive
मेरी खबरें
  • होम
  • ताजा खबरें
  • मध्यप्रदेश
  • छत्तीसगढ़
  • उत्तर प्रदेश
  • देश
  • धर्म
  • मनोरंजन
  • राशिफल
  • लाइफस्टाइल
  • अन्य
    • बिज़नेस
    • बड़ी खबरें
    • खेल
    • विदेश
    • करियर
    • टॉपिक्स
    • टेक्नोलॉजी
    • शिक्षा
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • राशिफल
  • राज्य चुनें
  • ई-पेपर
  • फटाफट
  • राशिफल
  • वेब स्टोरीज
नईदुनिया ट्रेंडिंग
  • बढ़ता यूपी
  • समृद्ध उत्तराखंड
  • Mutual Funds मास्टरी
  • होम
  • छत्तीसगढ़
  • बालोद

बीएसपी की 130 एकड़ जमीन राजस्व में शामिल हो, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने की मांग

दल्लीराजहरा नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भिलाई इस्पात संयंत्र की 130 एकड़ अनुपय...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 10:50:11 AM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 10:56:09 AM (IST)
बीएसपी की 130 एकड़ जमीन राजस्व में शामिल हो, नगर पालिका अध्यक्ष तोरण साहू ने की मांग
पट्टे वितरण की संभावित स्थिति की प्रतीकात्मक तस्वीर।

HighLights

  1. बीएसपी की अनुपयोगी भूमि राजस्व विभाग को दें
  2. 15 हजार निवासियों को मिलेगा आवासीय पट्टा
  3. खनिज न्यास निधि से तेज होगा शहर का विकास

नईदुनिया न्यूज, दल्लीराजहरा। नगर के सर्वांगीण विकास और पिछले कई दशकों से मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हजारों परिवारों के अधिकारों के लिए नगर पालिका प्रशासन ने ठोस पहल की है। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।

इस बैठक में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) की 130 एकड़ अनुपयोगी भूमि को राजस्व विभाग में शामिल करने और खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से नगर में रुके विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने की मांग रखी गई।


13 वार्डों के 15 हजार परिवारों को पट्टा मिलने की राह खुली

ज्ञापन के अनुसार दल्लीराजहरा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 5, 7, 9, 10, 11, 12, 13, 16, 17 और 23 लीज क्षेत्र से बाहर की भूमि पर बसे हुए हैं। इन सघन बस्तियों की कुल आबादी 15 हजार से अधिक है। यहां रहने वाले श्रमिक व आदिवासी परिवार पिछले 50 से 60 वर्षों से दल्ली, राजहरा, महामाया, कलवर, नागूर और दुलकी खदानों में लौह अयस्क उत्पादन में भागीदारी निभा रहे हैं। नगर पालिका द्वारा इन वार्डों में बिजली, पानी, सड़क और नालियों का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन जमीन बीएसपी के नाम दर्ज होने के कारण निवासियों को शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ और स्थायी पट्टा नहीं मिल पा रहा है।

1993 के सर्वे की शेष 130 एकड़ भूमि हस्तांतरण की जरूरत

नपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 8 मार्च 1993 को बीएसपी प्रबंधन द्वारा कुल 400 एकड़ अनुपयोगी जमीन का सर्वे किया गया था। इसमें से 270 एकड़ जमीन पूर्व में राजस्व विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है, परंतु शेष 130 एकड़ जमीन अब भी प्रक्रियाधीन है। इस क्षेत्र में न तो खदानों का विस्तार होना है और न ही यह बीएसपी के किसी उपयोग में आ रही है। इसके बावजूद किसी भी नए निर्माण या सरकारी योजना के क्रियान्वयन के लिए पालिका को बीएसपी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना पड़ता है। यदि यह भूमि राजस्व खाते में दर्ज हो जाती है, तो वर्षों से काबिज परिवारों को मालिकाना हक मिल सकेगा।

खनिज न्यास निधि (DMF) से विकास कार्यों को मिलेगी गति

दल्लीराजहरा की खदानों से विगत छह दशकों से अनवरत लौह अयस्क का खनन हो रहा है, लेकिन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का उस अनुपात में विस्तार नहीं हुआ। वर्तमान में नगर के कई आवश्यक कार्य या तो बजट की कमी से अधूरे हैं या फिर शुरू नहीं हो सके हैं। नगर पालिका अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि खनिज न्यास निधि के माध्यम से नगर की सड़कों, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से कायाकल्प किया जा सकता है।

सांसद का मिला समर्थन, मुख्यमंत्री ने दिए त्वरित निर्देश

इस विषय पर सांसद भोजराज नाग ने भी पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्री और सेल (SAIL) प्रबंधन से चर्चा कर इस भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुनकर संबंधित उच्चाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिससे नगरवासियों में अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।