
नईदुनिया न्यूज, दल्लीराजहरा। नगर के सर्वांगीण विकास और पिछले कई दशकों से मूलभूत सुविधाओं से जूझ रहे हजारों परिवारों के अधिकारों के लिए नगर पालिका प्रशासन ने ठोस पहल की है। नगर पालिका अध्यक्ष तोरण लाल साहू ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुलाकात कर दो सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा।
इस बैठक में भिलाई स्टील प्लांट (बीएसपी) की 130 एकड़ अनुपयोगी भूमि को राजस्व विभाग में शामिल करने और खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से नगर में रुके विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने की मांग रखी गई।
ज्ञापन के अनुसार दल्लीराजहरा नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 1, 2, 3, 5, 7, 9, 10, 11, 12, 13, 16, 17 और 23 लीज क्षेत्र से बाहर की भूमि पर बसे हुए हैं। इन सघन बस्तियों की कुल आबादी 15 हजार से अधिक है। यहां रहने वाले श्रमिक व आदिवासी परिवार पिछले 50 से 60 वर्षों से दल्ली, राजहरा, महामाया, कलवर, नागूर और दुलकी खदानों में लौह अयस्क उत्पादन में भागीदारी निभा रहे हैं। नगर पालिका द्वारा इन वार्डों में बिजली, पानी, सड़क और नालियों का निर्माण तो कराया गया है, लेकिन जमीन बीएसपी के नाम दर्ज होने के कारण निवासियों को शासकीय योजनाओं का पूरा लाभ और स्थायी पट्टा नहीं मिल पा रहा है।
नपा अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 8 मार्च 1993 को बीएसपी प्रबंधन द्वारा कुल 400 एकड़ अनुपयोगी जमीन का सर्वे किया गया था। इसमें से 270 एकड़ जमीन पूर्व में राजस्व विभाग को हस्तांतरित की जा चुकी है, परंतु शेष 130 एकड़ जमीन अब भी प्रक्रियाधीन है। इस क्षेत्र में न तो खदानों का विस्तार होना है और न ही यह बीएसपी के किसी उपयोग में आ रही है। इसके बावजूद किसी भी नए निर्माण या सरकारी योजना के क्रियान्वयन के लिए पालिका को बीएसपी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना पड़ता है। यदि यह भूमि राजस्व खाते में दर्ज हो जाती है, तो वर्षों से काबिज परिवारों को मालिकाना हक मिल सकेगा।
दल्लीराजहरा की खदानों से विगत छह दशकों से अनवरत लौह अयस्क का खनन हो रहा है, लेकिन क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं का उस अनुपात में विस्तार नहीं हुआ। वर्तमान में नगर के कई आवश्यक कार्य या तो बजट की कमी से अधूरे हैं या फिर शुरू नहीं हो सके हैं। नगर पालिका अध्यक्ष ने जोर देकर कहा कि खनिज न्यास निधि के माध्यम से नगर की सड़कों, पेयजल आपूर्ति, प्रकाश व्यवस्था और स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से कायाकल्प किया जा सकता है।
इस विषय पर सांसद भोजराज नाग ने भी पूरा समर्थन दिया है। उन्होंने केंद्रीय इस्पात मंत्री और सेल (SAIL) प्रबंधन से चर्चा कर इस भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा कराने का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगों को ध्यानपूर्वक सुनकर संबंधित उच्चाधिकारियों को नियमानुसार त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं, जिससे नगरवासियों में अपनी वर्षों पुरानी मांग पूरी होने की उम्मीद जगी है।