
नईदुनिया न्यूज, राजपुर। बलरामपुर जिले में अवैध रूप से संचालित चिकित्सा केंद्रों एवं झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध प्रशासन ने सख्ती शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलरामपुर डा विजय कुमार एवं अनुविभागीय अधिकारी राजपुर देवेंद्र प्रधान के निर्देश पर तहसीलदार, स्वास्थ्य विभाग एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने राजपुर क्षेत्र के विभिन्न गांवों में सघन छापेमारी की। संयुक्त टीम ने ग्राम परसागुड़ी में रमेश विश्वास, ग्राम चंद्रगढ़ में राहुल चौधरी एवं दीनानाथ तथा ग्राम खुमरी में जीत नारायण के यहां जांच की।
जांच के दौरान बिना वैध चिकित्सकीय उपाधि एवं पंजीयन के उपचार करते पाए जाने पर मौके से दवाइयां जब्त कर संबंधित क्लीनिकों को सील किया गया। प्रशासन द्वारा सभी मामलों में नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। जांच व कार्रवाई में राजपुर तहसीलदार प्रतीक जायसवाल, बरियों नायब तहसीलदार नरेंद्र कंवर, बीएमओ डाक्टर दीपक गुप्ता सहित पुलिस एवं अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
बताया गया कि बलरामपुर जिले के विभिन्न विकासखंडों के ग्रामीण क्षेत्रों में दर्जनों अवैध क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सकों के सक्रिय होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे लोगों के पास न तो मान्यता प्राप्त चिकित्सकीय डिग्री होती है और न ही आवश्यक पंजीयन। इसके बावजूद वे मरीजों का उपचार कर रहे हैं, जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा बना हुआ है।
इसी क्रम में बलरामपुर क्षेत्र में झोलाछाप चिकित्सक द्वारा इंजेक्शन लगाए जाने के बाद तीन वर्षीय बालक की मौत की घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मामले को गंभीरता से लिया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जिले के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों को अवैध क्लीनिक एवं झोलाछाप चिकित्सकों के विरुद्ध सघन जांच और कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
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प्रशासन ने बिना वैध पंजीयन, अनुमति अथवा आवश्यक दस्तावेजों के संचालित संस्थानों को चिन्हांकित करने, बिना मान्यता प्राप्त डिग्री के चिकित्सा व्यवसाय करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा आवश्यकता पड़ने पर पुलिस एवं प्रशासन के सहयोग से सीलिंग की कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कार्रवाई का संस्थानवार प्रतिवेदन प्रस्तुत करने को कहा गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जनस्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।