
नईदुनिया न्यूज, वाड्रफनगर। बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र के ग्राम स्याही में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के आठ लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हो गए। बीमार लोगों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। पेट दर्द, उल्टी-दस्त की शिकायत होने पर सभी को तत्काल सिविल अस्पताल वाड्रफनगर में भर्ती कराया गया। बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित की निगरानी में मरीजों का उपचार चल रहा है। इनमें से तीन मरीजों को मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।
सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही
जानकारी के अनुसार परिवार के सदस्यों ने घर में जंगल से लाए गए मशरूम (पुटु-खुखड़ी) का सेवन किया था। खाने के कुछ देर बाद ही सभी की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पेट में तेज दर्द, उल्टी और चक्कर आने पर स्वजन सभी को सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे। चिकित्सकों के अनुसार सभी में फूड प्वाइजनिंग के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल सभी मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
बरसात के मौसम में जंगलों में पुटु-खुखड़ी निकलती है
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि बरसात के मौसम में जंगलों में पुटु-खुखड़ी निकलती है। इनमें कई प्रजातियां जहरीली होती हैं। सही पहचान किए बिना जंगली मशरूम खाने से फूड प्वाइजनिंग का खतरा रहता है। बीएमओ डॉ. हेमंत दीक्षित ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल से लाए गए मशरूम की सही पहचान के बिना उसका सेवन न करें। अज्ञात प्रजाति के मशरूम खाने से बचें।
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