
नईदुनिया न्यूज,बलरामपुर : जिला बलरामपुर में पदस्थ महिला नगर सैनिक ने नगर सेना विभाग के दो अधिकारियों के खिलाफ मानसिक रूप से प्रताड़ित करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और विभागीय स्थानांतरण नीति का पालन नहीं किए जाने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने 19 अक्टूबर 2026 को नगर सेना, अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं के महानिदेशक, मुख्यालय नया रायपुर को लिखित शिकायत सौंपकर विभागीय जांच, सुरक्षा और संबंधित कर्मचारियों के स्थानांतरण की मांग की है।
शिकायत में महिला सैनिक ने दो उप निरीक्षक को अनावेदक बनाया है। उनका आरोप है कि एक उपनिरीक्षक पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से जिला बलरामपुर में पदस्थ हैं। वहीं, दूसरे पिछले 14 वर्षों से कार्यालयीन शाखा में कार्यरत हैं। शिकायतकर्ता ने विभागीय स्थानांतरण नीति का हवाला देते हुए कहा है कि लंबे समय तक एक ही जिले और शाखा में पदस्थ रहने से अन्य कर्मचारियों को भी अवसर मिलने में बाधा उत्पन्न होती है।
महिला सैनिक ने शिकायत में आरोप लगाया है कि दोनों आपसी मिलीभगत से कार्यालय में अपना प्रभाव बनाए हुए हैं। उन्होंने उपनिरीक्षक पर पद का भय दिखाकर अधीनस्थ महिला सैनिकों को अपमानित करने, अभद्र भाषा का प्रयोग करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने इन कथित कृत्यों को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के प्रविधानों के विपरीत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
उन्होंने अपनी शिकायत में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध और प्रतितोष) अधिनियम, 2013 तथा उच्चतम न्यायालय के विशाखा बनाम राजस्थान राज्य मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का भी उल्लेख किया है। महिला सैनिक का कहना है कि कार्यस्थल पर महिलाओं को सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना विभाग की जिम्मेदारी है।
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शिकायतकर्ता ने महानिदेशक से मांग की है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) के माध्यम से निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच अवधि के दौरान उन्हें सुरक्षा प्रदान की जाए तथा संबंधित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए।इसके अलावा, उन्होंने शासन की स्थानांतरण नीति के अनुरूप दोनों को जिला बलरामपुर से अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। महिला सैनिक ने भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रताड़ना से सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी अपील की है।