'हथियारबंद नक्सली खत्म, अब दिमागी नक्सलियों से लड़ना होगा...', बस्तर में जवानों के बीच बोले पीएम मोदी
PM Modi in Bastar: प्रधानमंत्री के मुताबिक बस्तर से नक्सली आतंक समाप्त हो चुका है और अब यहां विकास का दौर शुरू हो गया है।
Publish Date: Sun, 08 Nov 2026 06:23:10 PM (IST)Updated Date: Sun, 08 Nov 2026 06:23:10 PM (IST)
नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पहली दीवाली।HighLights
- नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में पहली दीवाली
- सीआरपीएफ जवानों के बीच बोले प्रधानमंत्री मोदी
- आंतरिक सुरक्षा मजबूत तो बाहरी दुश्मन बेअसर
नईदुनिया प्रतिनिधि, बस्तर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बार दिवाली छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ मनाई। यह लगातार 13वां मौका है, जब उन्होंने देश के किसी दुर्गम या सीमावर्ती इलाके में तैनात जवानों के बीच पर्व मनाया। कोबरा ऑपरेशंस बेस पहुंचकर उन्होंने सीआरपीएफ जवानों को मिठाई खिलाई और त्योहार की बधाई दी।
हर जवान मेरा परिवार- पीएम
जवानों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर की यह पहली दिवाली है। उन्होंने कहा कि यहां तैनात हर जवान उनके परिवार का हिस्सा है। प्रधानमंत्री के मुताबिक बस्तर से नक्सली आतंक समाप्त हो चुका है और अब यहां विकास का दौर शुरू हो गया है। करीब 42 मिनट के संबोधन में उन्होंने जवानों के साहस की सराहना की।
खतरा खत्म नहीं, अब दिमागी नक्सली चुनौती- पीएम
पीएम ने रविवार को कहा कि नक्सलवाद का खतरा अभी पूरी तरह टला नहीं है। उनके अनुसार जंगलों में हथियार लेकर घूमने वाले नक्सलियों का सफाया हो चुका है, लेकिन अब वैचारिक स्तर पर सक्रिय "दिमागी नक्सलियों" से निपटना होगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग कई राजनीतिक संगठनों में घुसपैठ कर चुके हैं और लोगों को संविधान तथा लोकतंत्र के खिलाफ भड़का रहे हैं। उन्होंने कहा कि इनकी पहचान कर इनके नेटवर्क को खत्म करना होगा।
पहले भी जवानों के बीच मना चुके हैं पर्व
प्रधानमंत्री इससे पहले 12 बार अलग-अलग सीमावर्ती क्षेत्रों में जाकर जवानों के साथ दिवाली मना चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा तीन बार वे जम्मू-कश्मीर पहुंचे, जबकि हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में वे दो-दो बार जा चुके हैं।
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भाषण की पांच प्रमुख बातें
- देश नक्सल मुक्त: प्रधानमंत्री ने कहा कि 2026 की दिवाली खास है, क्योंकि 40-50 साल में पहली बार देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हुआ है और करोड़ों लोग इस डर से बाहर आ गए हैं।
- एक साल में कोई शहादत नहीं: उन्होंने बताया कि बीते एक साल में ड्यूटी के दौरान सीआरपीएफ के किसी जवान की जान नहीं गई। इसे उन्होंने सुरक्षाबलों के शौर्य और सरकार की नीतियों की सफलता बताया।
- पिछली सरकारों पर निशाना: उनके मुताबिक 2004 से 2013 के बीच हर साल नक्सलियों की तुलना में ज्यादा जवान शहीद होते थे और तब की सरकारों ने नक्सलवाद को लाइलाज मान लिया था।
- आंतरिक सुरक्षा पर जोर: मोदी ने कहा कि जिस देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत होती है, वहां बाहरी दुश्मन सफल नहीं हो पाते, जबकि कमजोर होने पर उन्हें सिर उठाने का मौका मिलता है।
- गरीबी में कमी: विश्व बैंक की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि बीते 12 साल में भारत के 50 करोड़ लोग भीषण गरीबी से बाहर आए हैं, जिसे उन्होंने कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धि बताया।