
नईदुनिया प्रतिनिधि, जगदलपुर। बस्तर जिले के भानपुरी वन परिक्षेत्र में सागौन की लकड़ी की तस्करी रोकने पहुंचे वन विभाग के कर्मचारियों पर वन माफिया के जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। बनियागांव के जंगलों में रात के अंधेरे में अवैध कटाई कर रहे तस्करों तत्वों ने गश्ती दल के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि लाठी-डंडों से मारपीट कर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई। घटना के बाद घायल वनकर्मी की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, घटना 22 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे की है। ग्राम बजावण्ड (थाना नगरनार) निवासी वनकर्मी अरुण कुमार नाग (44 वर्ष) अपनी टीम के साथ बनियागांव वन परिसर के कक्ष क्रमांक 133 में नियमित रात्रि गश्त पर थे। सड़क पुलिया के समीप वन अमले को जंगल के भीतर पेड़ों के कटने और संदिग्ध हलचल की आवाजें सुनाई दीं। जब वनकर्मी टॉर्च जलाकर मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने कुछ लोगों को कुल्हाड़ी और आरियों से सागौन के हरे-भरे पेड़ों को काटते हुए रंगे हाथों पकड़ा।
वनकर्मियों ने जब तस्करों को घेरने का प्रयास किया और अवैध कटाई रोकने को कहा, तो वे उग्र हो गए। तस्करों के समूह ने वनकर्मियों को चारों तरफ से घेर लिया और अश्लील गालियां देते हुए उन पर हमला बोल दिया। अचानक हुए इस हमले में वनकर्मी अरुण कुमार नाग को चोटें आईं। वनकर्मियों को भारी पड़ता देख और उनके द्वारा अतिरिक्त बल बुलाए जाने की भनक लगते ही लकड़ी तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर जंगल के रास्ते भाग निकले।
हमले में घायल वनकर्मी ने तत्काल उच्चाधिकारियों को घटना की सूचना दी और भानपुरी थाने पहुंचकर औपचारिक प्राथमिकी दर्ज कराई। भानपुरी पुलिस ने वनकर्मी अरुण कुमार नाग के बयान के आधार पर अज्ञात आरोपितों के विरुद्ध शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज करने और मारपीट की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम आसपास के गांवों में संदिग्धों की पहचान कर उनकी धरपकड़ के प्रयास में जुट गई है।