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2007 में बांग्लादेश से घुसपैठ, संबलपुर में जाली दस्तावेज बनवाए, जेल से छूटते ही बेमेतरा पुलिस के हत्थे चढ़ा 13 अपराधों का आरोपी

बेमेतरा पुलिस ने अवैध प्रवासियों की जांच के दौरान संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक मोकसादूल आलम को गिरफ्तार किया है। आरोपित फर्जी दस्तावेजों पर भारत में रहक...और पढ़ें

By Digital DeskEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 06:55:11 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 07:19:29 PM (IST)
2007 में बांग्लादेश से घुसपैठ, संबलपुर में जाली दस्तावेज बनवाए, जेल से छूटते ही बेमेतरा पुलिस के हत्थे चढ़ा 13 अपराधों का आरोपी
मो. मोकसादूल आलम कालू पुलिस की गिरफ्त में।- पुलिस

HighLights

  1. बेमेतरा पुलिस ने संदिग्ध बांग्लादेशी को पकड़ा
  2. आरोपी के खिलाफ दर्ज हैं 13 आपराधिक मामले
  3. जेल से छूटते ही पुलिस ने दोबारा दबोचा

नईदुनिया न्यूज, बेमेतरा। अवैध अप्रवासियों और बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे संदिग्ध लोगों की पहचान के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बेमेतरा पुलिस ने एक संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिक को पकड़ा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान मो. मोकसादूल आलम कालू उर्फ मो. मोकसेद अली उर्फ कालू (35) पिता मो. नूरूल हुसैन, उम्र 35 वर्ष, निवासी मोजफ्फर नगर, पार्बतीपुर, पौरासावा, दिनाजपुर, बांग्लादेश के रूप में हुई है। जांच में उसके वर्ष 2007 में भारत आने और ओडिशा के संबलपुर में कथित रूप से फर्जी पहचान दस्तावेज बनवाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपित के खिलाफ बेमेतरा, कबीरधाम और राजनांदगांव जिलों के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े करीब 13 मामले दर्ज हैं। दस्तावेजों के सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद उसे 28 सितंबर को रायपुर स्थित होल्डिंग सेंटर भेजा गया है।

कपड़ा एवं बर्तन बेचने की आड़ में चोरी की वारदातें

आरोपी बिना वैध वीजा एवं पासपोर्ट के भारत में रह रहा था। वह अलग-अलग जिलों में कपड़ा एवं बर्तन बेचने के नाम पर किराए से मकान लेकर गांव-गांव एवं गली-मोहल्लों में घूमता था और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता था। जिस क्षेत्र में वह किराए से रहता था, वहां चोरी की वारदातें करने की बात जांच में सामने आई है।


किराए के मकान में आते थे सहयोगी

आरोपी के किराए के मकान में रहने के दौरान उसके अन्य साथी भी आते थे और उनके साथ मिलकर भी चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। वर्ष 2019 में आरोपित द्वारा सूमोन खान के साथ मिलकर बेमेतरा एवं कवर्धा क्षेत्र में 7-8 चोरी की वारदातें किए जाने की जानकारी भी जांच में सामने आई है।

आरोपित के खिलाफ 13 प्रकरण दर्ज

आरोपी के विरुद्ध जिला बेमेतरा, कबीरधाम एवं राजनांदगांव के विभिन्न थानों में चोरी, नकबजनी, आर्म्स एक्ट एवं आबकारी अधिनियम से संबंधित लगभग 13 प्रकरण दर्ज हैं। वर्ष 2019 में बेमेतरा एवं कवर्धा तथा वर्ष 2021, 2024 एवं 2026 में राजनांदगांव जिले में चोरी, नकबजनी, आबकारी एवं आर्म्स एक्ट के प्रकरणों में जेल जा चुका है। आरोपित 23 सितम्बर को जेल से छूटने के बाद पुनः बेमेतरा क्षेत्र में चोरी करने की नीयत से घूमने की जानकारी मिलने पर पुलिस गिरफ्तार किया।

मकान मालिकों से बेमेतरा पुलिस की अपील

पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि अपने आसपास यदि कोई बाहरी व्यक्ति, महिला अथवा बच्चों सहित संदिग्ध रूप से आकर किराए पर रह रहा हो, तो इसकी सूचना तत्काल टोल फ्री नंबर 1800-233-1905 पर दें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी। पुलिस ने मकान मालिकों से भी अपील की है कि किसी भी बाहरी व्यक्ति को मकान किराए पर देने से पूर्व उसकी पूर्ण जानकारी एवं दस्तावेजों का सत्यापन करें तथा आवश्यक जानकारी नजदीकी थाने में उपलब्ध कराएं।

पूर्व में भी की गई कार्रवाई

बेमेतरा पुलिस ने पूर्व में भी अवैध रूप से निवासरत संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों के विरुद्ध कार्रवाई की है। थाना सिटी कोतवाली बेमेतरा क्षेत्रांतर्गत सिंघौरी में विगत माह हुई चोरी के प्रकरण में गिरफ्तार पांच आरोपियों की विवेचना के दौरान एक आरोपी मोहम्मद सुमोन खान, पिता मोहम्मद सलाम खान, उम्र 24 वर्ष, निवासी रूस्तमनगर, थाना पार्वतीपुर, जिला दिनाजपुर, डिवीजन रंगपुर (बांग्लादेश) की पहचान बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई थी।

कर्नाटक में बनवाए थे दस्तावेज

जांच में उसके भारत आने के बाद कर्नाटक में फर्जी आधार एवं पैन कार्ड जैसे पहचान दस्तावेज बनाए जाने तथा मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र एवं कर्नाटक सहित विभिन्न राज्यों में अपने साथियों के साथ मिलकर अपराध एवं चोरी की घटनाओं में संलिप्त रहने की जानकारी सामने आई थी।

गिरोह के सदस्यों की तलाश में हुई थी कार्रवाई

इस मामले में पुलिस द्वारा इस गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की पतासाजी एवं अपराध संबंधी जानकारी के लिए विभिन्न राज्यों के 14 जिलों कांकेर, कोरिया (छत्तीसगढ़), इंदौर (मध्यप्रदेश), साइबराबाद (तेलंगाना), पूर्वी दिल्ली (दिल्ली), बड़गाम (जम्मू-कश्मीर), दक्षिण दिनाजपुर, कृष्णनगर एवं नादिया (पश्चिम बंगाल), बागलकोट एवं बेलगावी (कर्नाटक), चंद्रपुर एवं नागपुर (महाराष्ट्र) तथा कोरापुट (ओडिशा)से संपर्क किया गया था।