बेमेतरा में बचाने वाला ही बन गया शिकार: रेस्क्यू करते समय कोबरा के डसने से स्नेक कैचर की मौत
बेमेतरा जिले के मुरता गांव में सांप का रेस्क्यू करते समय कोबरा के डंसने से स्नेक कैचर मनीष पाटिल की मौत हो गई। सिम्स बिलासपुर में इलाज के दौरान उन्हों...और पढ़ें
Publish Date: Sat, 12 Sep 2026 08:51:04 PM (IST)Updated Date: Sat, 12 Sep 2026 08:55:01 PM (IST)
कोबरा के डसने से मारा गया स्नैक कैचर मनीष पाटिल। - नईदु़नियाHighLights
- रेस्क्यू करते स्नेक कैचर को सर्प ने डसा, मौत
- सिम्स बिलासपुर में इलाज के दौरान तोड़ा दम
- कलेक्टर समेत विभिन्न संस्थाओं ने किया था सम्मानित
नईदुनिया न्यूज, नवागढ़। बेमेतरा जिले के ग्राम मुरता में सांप के रेस्क्यू के दौरान कोबरा के डसने से स्नेक कैचर मनीष पाटिल की मौत हो गई। घटना के बाद उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवागढ़ लाया गया, जहां से गंभीर हालत में सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया। उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पोस्टमार्टम के बाद देर शाम उनका अंतिम संस्कार स्थानीय मुक्तिधाम में किया गया।
जानकारी के अनुसार शुक्रवार की रात करीब 12 बजे मुरता गांव के एक घर में सांप निकलने की सूचना पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची थी। रेस्क्यू के लिए मनीष पाटिल को भी टीम के साथ ले जाया गया। मनीष सांप को पकड़कर एक डिब्बे में डाल रहा था इसी दौरान कोबरा सर्प ने उसे डस लिया। इसके बाद उन्हें तुरंत नवागढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बिलासपुर रेफर किया गया।म लंबे समय से कर रहा था स्नेक रेस्क्यू
मनीष पाटिल लंबे समय से स्नेक रेस्क्यू का कार्य कर रहा था। क्षेत्र में सांप निकलने की सूचना मिलने पर वह रेस्क्यू के लिए पहुंचता था और बड़ी संख्या में सांपों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ता था। उनके कार्य को देखते हुए कलेक्टर सहित विभिन्न संस्थाओं द्वारा उन्हें सम्मानित भी किया गया था।
परिवार में पत्नी और तीन बेटियां
मनीष के परिवार में पत्नी और तीन बेटियां हैं। उनकी मौत की जानकारी मिलने के बाद परिवार और परिचितों में शोक का माहौल बना रहा। वे नारायण पाटिल के पुत्र और आशीष पाटिल के बड़े भाई थे।
स्वजन ने उपचार में देरी का लगाया आरोप
मनीष के स्वजन ने सर्पदंश के बाद उपचार में देरी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर समुचित उपचार मिलने पर उनकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, उपचार में लापरवाही या देरी के आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में संबंधित स्वास्थ्य विभाग की ओर से आधिकारिक स्थिति सामने आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
रेस्क्यूअर की सुरक्षा का मुद्दा भी सामने आया
इस घटना के बाद स्नेक रेस्क्यू करने वाले लोगों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया गया है। जहरीले सांपों के रेस्क्यू के दौरान सुरक्षा उपकरण और प्रशिक्षित टीम की उपलब्धता के साथ सर्पदंश होने पर तत्काल चिकित्सा सुविधा मिलना आवश्यक है। मनीष की मौत के बाद इस तरह के रेस्क्यू अभियानों में सुरक्षा व्यवस्था और आपात चिकित्सा सुविधा को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।