
पलारी। डायरिया ने भाटापारा विकासखंड के ग्राम मोपर (मल्दी) के एक ही परिवार के चार बच्चों को अपनी चपेट लिया है। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई है और दो गंभीर हैं। दोनों का इलाज जारी है। दो बच्चों की मौत की खबर उसके माता-पिता को नहीं है। वहीं दूसरी ओर बलौदाबाजार क्षेत्र में भी डायरिया पैर पसार रहा है। वहां के जिला अस्पताल में पांच मरीज भर्ती हैं। सिमगा ब्लाक के ग्राम करेली के ग्रामीण इसे दैवीय प्रकोप मान रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि मोपर के तीजराम साहू की बेटी रानी 9 वर्ष, गोलू 5 वर्ष व भारती 3 वर्ष को डायरिया हो गया था। तीनों को पलारी अस्पताल लाया जा रहा था लेकिन रास्ते में रानी व गोलू की मौत हो गई। एक बच्ची भारती की स्थिति नाजुक है जिसका उपचार पलारी अस्पताल में किया जा रहा था लेकिन परिवार वाले उसे बलौदाबाजार अस्पताल ले गए। उसके चार माह का भाई छोटू का पहले से ही डायरिया था और उसका इलाज उसकी मां राजेश्वरी व पिता तीजराम गुरुवार से बलौदाबाजार के एक अस्पताल में करा रहे हैं।
तो बच सकती थी जान
तीजराम के एक बेटे और दो बेटी उसके बड़े बेटे पुरुषोत्तम के साथ थे। इसी दरम्यान शुक्रवार रात को बच्चों की तबियत खराब होने पर सुबह पुरुषोत्तम, उसके दादा विश्वनाथ साहू, चाचा मनीराम साहू प्राइवेट वाहन से बच्चों को पलारी अस्पताल पहुंचे क्योंकि घर वालों को किसी ने यह खबर दे दी थी कि उसके छोटे बच्चे का इलाज पलारी अस्पताल में कराया जा रहा है लेकिन छोटे बच्चे का इलाज बलौदाबाजार में चल रहा है। अगर बच्चों पलारी के बजाय बलौदाबाजार अस्पताल में ले जाया जाता तो शायद बच्चों की जान बच सकती थी। मृतक बच्चे के दादा विश्वनाथ साहू ने बताया कि उसका बेटा तीजराम और उसकी पत्नी राजेश्वरी गुरुवार को सबसे छोटे बच्चे छोटू को उल्टी-दस्त होने पर गांव के डॉक्टर द्वारा रेफर करने पर बलौदाबाजार अस्पताल में उपचार कराने चले गए थे। तब तीनों छोटे बच्चे अपने बड़े भाई और भाभी के साथ ही थे। शुक्रवार रात को तबियत खराब होने पर उन्हें प्राइवेट गाड़ी से उसके माता द्वारा पहले से उपचार करा रहे अस्पताल में ले जाने के लिए निकले। तभी किसी ने पलारी अस्पताल में छोटे बच्चे का उपचार कराने की जानकारी दी। तब सभी बच्चों का एक साथ उपचार हो जाएगा सोचकर हम लोग पलारी आ गए। मगर यहां आते ही डॉक्टर ने दो बच्चों को मृत घोषित कर दिया तथा एक बच्चे भारती का उपचार जारी था। जिसे अब बलौदाबाजार अस्पताल ले जा रहे हैं। जहां उसकी मां छोटे बच्चे का उपचार करा रही हैं। दोनों बच्चे की मौत की खबर उसके माता-पिता को नहीं है।
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ग्रामीण मान रहे दैवीय शक्ति का प्रकोप
सिमगा। सिमगा के ग्राम संकरी के आश्रित ग्राम करेली में पिछले चार दिनों से डायरिया फैला हुआ है। इसका कारण बीएमओ डा. जीएस सोम पाइप लाइन में लीकेज बता रहे हैं वहीं ग्रामीण दैवीय प्रकोप मान रहे हैं। 75 वर्षीय फेकूराम पटेल ने कहा कि करेली में इस प्रकार की बीमारी उनके जीवन में पहलीबार फैली है। ग्रामीणों ने जब बैठक कर निर्णय लिया कि गांव में इस प्रकोप का कारण कहीं ग्राम देवता की नाराजगी तो नहीं है, क्योंकि पिछले 20 वर्षों से गांव में सवनाही त्योहार नहीं मनाया जा रहा है। इसलिए ग्रामीणों ने दूसरे गांव से बैगा बुलाकर शनिवार की मध्य रात्रि गांव बनाने पूजा-पाठ प्रारंभ किया। इस दौरान कोई भी व्यक्ति रात में घर से बाहर न निकले, इसलिए मुनादी करा दी गई थी।
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बलौदाबाजार में भी फैला
बलौदाबाजार। क्षेत्र में डायरिया पैर पसार चुका है। निजी अस्पतालों में डायरिया के मरीज आ रहे हैं। वहीं जिला अस्पताल में अलग-अलग गांव से डायरिया के पांच मरीज भर्ती हुए हैं। इनमें ग्राम डोंका के गणेशराम सतनामी (40 वर्ष), तुलाराम यादव लटुवा (48 वर्ष), गांधीराम केंवट चरौटी (58 वर्ष) पिंकी मनहरे खैंदा (22 वर्ष) व राधबाई ध्रुव मुढ़ीपार का इलाज किया जा रहा है।