
नईदुनिया न्यूज, बेमेतरा: बेरला पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के लिए बैंक खातों का इस्तेमाल करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से जुड़े म्यूल खातों की तस्दीक कर बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विवेचना में राजफाश हुआ कि मुख्य आरोपित अभिषेक दुर्गा ने भिलाई सुपेला में होटल में काम करने के दौरान ग्राम बोरिया (बेरला) निवासी पीयूष टंडन, प्रेमसागर टंडन और तुषार बंजारे से संपर्क किया था।
आरोपितों ने पैसों के लालच में आकर अपने बैंक खाते और एटीएम कार्ड कम पैसों में अभिषेक को बेच दिए थे।पीयूष ने बैंक आफ इंडिया का खाता 6,000 रुपये में, प्रेमसागर ने पीएनबी का खाता 3,000 रुपये में और तुषार ने पीएनबी व बंधन बैंक के खाते 2,500 रुपये में बेचे थे।
जांच के दौरान पता चला कि एक जनवरी 2024 से 31 दिसंबर 2024 के बीच इन खातों से कुल 42,71,094 रुपये का संदिग्ध और अवैध लेनदेन हुआ है। एनसीआरपी पोर्टल पर इन खातों के खिलाफ हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड और उत्तर प्रदेश से कई आनलाइन फ्राड की शिकायतें दर्ज हैं।
अकेले तुषार के खातों में धोखाधड़ी की पांच शिकायतें दर्ज पाई गईं। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपित अभिषेक दुर्गा (निवासी सुपेला, भिलाई) के साथ ही तीनों खाताधारक आरोपितों पीयूष टंडन, तुषार बंजारे और प्रेमसागर टंडन (सभी निवासी ग्राम बोरिया, बेरला) को गिरफ्तार कर लिया है। सभी आरोपितों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष न्यायिक रिमांड पर पेश कर दिया गया है। पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।
खातों का सौदा: सुपेला में होटल में काम करने वाले अभिषेक दुर्गा ने लालच देकर बोरिया गांव के युवकों से उनके बैंक खाते और एटीएम खरीदे थे।
बिक्री की रकम: पीयूष ने 6000, प्रेमसागर ने 3000 और तुषार ने 2500 रुपये में अपने बैंक खाते बेचे थे।
ठगी का आंकड़ा: एक साल के भीतर इन म्यूल खातों के जरिए 42.71 लाख रुपये का अवैध ट्रांजैक्शन किया गया।
पुलिस एक्शन: एनसीआरपी पोर्टल की शिकायतों के आधार पर बेरला पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।