
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई के हथखोज औद्योगिक क्षेत्र स्थित बीईसी कंपनी परिसर में रहने वाले और लॉयड्स कंपनी के डीजीएम विकास सहगल (64) शातिर साइबर ठगों के जाल में फंस गए हैं। जालसाजों ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकारी बताकर एसआईआर में पिता का नाम दुरुस्त करने का झांसा दिया और उनके खाते से 6 लाख 25 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली। जब तक पीड़ित को इस धोखे की भनक लगी, तब तक बैंक खाते से बड़ी रकम निकल चुकी थी।
पीड़ित विकास सहगल के अनुसार 7 अक्टूबर 2026 को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से कॉल और संदेश आया। सामने वाले व्यक्ति ने खुद को चुनाव आयोग का अधिकृत अधिकारी बताते हुए कहा कि एसआईआर रिकॉर्ड में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है और इसमें तत्काल सुधार करना अनिवार्य है। आरोपी ने बेहद पेशेवर ढंग से बातचीत कर पीड़ित को झांसे में ले लिया और यह विश्वास दिलाया कि यह पूरी प्रक्रिया निर्वाचन कार्यालय द्वारा ही संचालित की जा रही है।
नाम सुधारने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी करने के बहाने ठग ने सहगल के मोबाइल पर एक वेब लिंक भेजा। झांसे में आकर पीड़ित ने उस लिंक को खोला और उसमें दिए गए ऑनलाइन फॉर्म में जरूरी जानकारियां दर्ज कर दीं। फॉर्म सबमिट होते ही कुछ ही मिनटों में उनके बैंक खाते से कुल 6.25 लाख रुपये कट गए। खाते से अचानक भारी रकम निकासी का मैसेज आते ही उनके होश उड़ गए और उन्हें साइबर फ्रॉड का शिकार होने का अहसास हुआ।
ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने तुरंत भिलाई-3 थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस की तकनीकी शाखा और साइबर सेल आरोपी के मोबाइल नंबर, भेजे गए फर्जी लिंक तथा उस बैंक खाते के लेनदेन का ब्योरा जुटाने में लगी है जिसमें रकम स्थानांतरित की गई है। पुलिस ने आम नागरिकों से ऐसे किसी भी लिंक पर जानकारी साझा न करने की अपील की है।