
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई में पले-बढ़े अनिल द्विवेदी ने अब अमेरिका में अपनी अलग पहचान बनाई है। कैलिफोर्निया के यूरेका शहर में बीते तीन नवंबर को हुए नगर चुनाव में वे महापौर (मेयर) पद के प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे। चुनाव में तीन उम्मीदवारों के बीच मुकाबला हुआ। यूरेका सिटी की ओर से जारी परिणामों में अनिल द्विवेदी का नाम विजयी प्रत्याशी और निवर्तमान मेयर किम बर्गेल के बाद दूसरे स्थान पर दर्ज है। उनकी इस राजनीतिक भागीदारी ने भिलाई से अमेरिका तक के उनके सफर को चर्चा में ला दिया है।
अनिल के पिता डाॅ. रमेश प्रसाद द्विवेदी भिलाई के दिल्ली पब्लिक स्कूल में हिंदी के वरिष्ठ व्याख्याता हैं। उन्होंने बताया कि अनिल शुरू से ही मेधावी छात्र रहे हैं। उनका जन्म मध्यप्रदेश के सीधी जिले में हुआ था। पिता की नौकरी के कारण परिवार भिलाई आ गया। अनिल ने बीएसपी स्कूल में भी एक वर्ष तक पढ़ाई की। करीब 12 वर्ष पहले वे अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने कारोबार और सामाजिक गतिविधियों में अपनी पहचान बनाई।
अनिल ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी से नव्य व्याकरण में आचार्य (स्नातकोत्तर) की उपाधि प्राप्त की। संस्कृत की पढ़ाई के बाद उनका रुझान फिल्म निर्माण की ओर हुआ। मुंबई में करीब दो वर्ष तक सहायक निर्देशक के रूप में काम किया। लेखन, निर्देशन और फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया। उनकी शार्ट फिल्म देवी : द लिटिल गाडेस ने वर्ष 2014 में अमेरिका के पांच फिल्म समारोहों में सुर्खियां बटोरीं। इसके बाद उन्हें अमेरिका में काम करने का अवसर मिला और वहीं उनका कर्मक्षेत्र बन गया। उन्होंने अमेरिकी नागरिकता प्राप्त की और वहीं विवाह भी किया।
डा. रमेश प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि अमेरिका में अनिल ने अपनी रियल एस्टेट कंपनी स्थापित की। वर्तमान में वे यूरेका में उद्यमी, रियल्टर और कम्युनिटी लीडर के रूप में सक्रिय हैं। उनकी वेबसाइट के अनुसार, उन्होंने अपनी दो अपार्टमेंट इमारतों में 76 फ्लैट विकसित किए हैं। इनमें 40 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और निम्न आय वर्ग के लोगों को रियायती दरों पर आवास उपलब्ध कराया गया है।
डॉ. द्विवेदी के अनुसार महापौर चुनाव में अनिल का जोर आवास, सुरक्षा, कारोबार को बढ़ावा देने और शहर के समग्र विकास पर रहा। उनकी उम्मीदवारी के पीछे यूरेका शहर को बेहतर आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं वाला शहर बनाने की सोच रही। राजनीति और व्यवसाय के साथ उनकी रुचियों में वाद-विवाद, भाषण, मंच संचालन, नृत्य, माडलिंग, पटकथा लेखन और फिटनेस भी शामिल हैं। संस्कृत के विद्यार्थी से फिल्मकार और फिर अमेरिकी कारोबारी एवं मेयर प्रत्याशी तक का उनका सफर कई आयाम समेटे हुए है।