भिलाई। नईदुनिया प्रतिनिधि
भिलाई इस्पात मजदूर संघ (बीएमएस) ने सेल के डायरेक्टर पर्सनल से मिलकर लंबित मामलों के निराकरण की मांग की है। लंबित वेतनमान के लिए शीघ्र एनजेसीएस की बैठक बुलाने, डिप्लोमा होल्डर को जूनियर इंजीनियर पदनाम देने, कर्मचारियों के जर्जर आवास के मुद्दे पर चर्चा की। एनजेसीएस बैठक न होने से वेतन समझौते का मामला अटका हुआ है।
बीएमएस महासचिव दिनेश पांडेय ने दिल्ली में डायरेक्टर पर्सनल अतुल श्रीवास्तव से मिलकर कर्मचारियों के मुद्दे पर बिन्दुवार चर्चा की। कहा कि, कर्मचारी अपना स्वयं का मकान बनाकर रहना चाहता हैं, उनके लिए शीघ्र ही एचआरए शुरू किया जाए। वर्षों पुरानी इनसेंटिव स्कीम में सुधार करने, अनुकंपा के आधार पर नौकरी पाए नान आईटीआई कर्मियों के ट्रेनिंग पीरियड को सर्विस पीरियड में जोड़ने, पे-एनामली का शीघ्र सेटलमेंट करने, प्रधानमंत्री श्रम अवार्ड में एक प्रमोशन दिए जाने कीमतांग की।
डायरेक्टर पर्सनल का ध्यान आकृष्ट कराया कि कर्मचारी पहले से एस-11 ग्रेड में हैं तो उसे प्रमोशन का फायदा नहीं मिल पाता, क्योंकि एस-11 के ऊपर कोई ग्रेड ही नहीं है। अतः ऐसी व्यवस्था की जाए कि एस-11 के कर्मचारी को भी प्रमोशन दिया जा सके। उसे सीधे ई-0 पर प्रमोट किया जाए।
2008 और 2010 में ई-0 की लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। वह परीक्षा विवादों में रही। अनियमितता और भ्रष्टाचार के आरोप लगे। मुद्दा कोर्ट तक गया। जहां आज भी प्रकरण कोर्ट में चल रहा है। हर दो साल में परीक्षा का वादा करने के बाद भी इस पर अमल नहीं किया जा रहा है। यूनियन ने डायरेक्टर पर्सनल को ज्ञापन सौंपा। इसकी कॉपी इस्पात मंत्री चौधरी बीरेन्द्र सिंह, सेल चेयरमैन को भी मांग पत्र भेजा है।