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फेरीवाले बनकर कॉलोनियों में करते थे रेकी, दुर्ग-भिलाई समेत कई शहरों में चोरियों का खुलासा; 63.50 लाख का सोना-कैश बरामद

दुर्ग पुलिस ने दिनदहाड़े चोरी की वारदातों का खुलासा करते हुए अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है।

By Digital DeskEdited By: Akash Sharma
Publish Date: Tue, 19 May 2026 03:56:19 PM (IST)Updated Date: Tue, 19 May 2026 03:56:19 PM (IST)
फेरीवाले बनकर कॉलोनियों में करते थे रेकी, दुर्ग-भिलाई समेत कई शहरों में चोरियों का खुलासा; 63.50 लाख का सोना-कैश बरामद
भिलाई पुलिस की गिरफ्त में आरोपीl

HighLights

  1. फेरीवाले बनकर कॉलोनियों में आरोपित करते थे रेकी
  2. चोरी का सोना मेरठ के ज्वेलर्स को बेचा जाता था
  3. मेरठ से दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई और दुर्ग क्षेत्र में लगातार हो रही दिनदहाड़े चोरी की घटनाओं का दुर्ग पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मेरठ, उत्तरप्रदेश से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों के कब्जे से करीब 400 ग्राम सोना, 3 लाख 50 हजार रुपये नकद समेत कुल 63 लाख 50 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार गिरोह ने दुर्ग-भिलाई के अलावा नवा रायपुर, बिलासपुर और जबलपुर में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया है।

तकनीकी जांच और सीसीटीवी से मिला सुराग

पुलिस ने बताया कि नेहरू नगर और दुर्ग क्षेत्र में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। थाना सुपेला और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण किया गया और सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए।


सीसीटीवी और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को अहम सुराग मिले, जिसके बाद टीम मेरठ और दिल्ली रवाना हुई। मेरठ पहुंचकर पुलिस ने हासीम खान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपने साथियों के साथ चोरी की वारदातों को अंजाम देने की बात स्वीकार की।

फेरीवाले बनकर करते थे रेकी

जांच में सामने आया कि आरोपितों ने बिलासपुर से एक एक्टिवा वाहन खरीदा था, जिसका इस्तेमाल दुर्ग-भिलाई क्षेत्र में रेकी करने के लिए किया जाता था। गिरोह के सदस्य फेरीवाले बनकर कॉलोनियों में घूमते थे और कपड़े तथा गलीचे बेचने का बहाना बनाकर सूने मकानों की पहचान करते थे। पुलिस के मुताबिक, बाहर ताला लगे मकानों को चिन्हित करने के बाद गिरोह वारदात को अंजाम देता था। चोरी के दौरान एक सदस्य बाहर निगरानी करता था जबकि दूसरा घर के भीतर घुसकर जेवर और नकदी चोरी करता था।

मेरठ के ज्वेलर्स को बेचते थे चोरी का सोना

पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि चोरी का सोना मेरठ के सलीम ज्वेलर्स को बेचा जाता था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए ज्वेलरी दुकान संचालक सलीम खान को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी का माल बरामद किया गया है। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान

पुलिस ने मामले में जिन आरोपितों को गिरफ्तार किया है उनमें हासीम खान (24 वर्ष), निवासी श्याम नगर रोड, शालीमार गार्डन गली नंबर-1, मेरठ (उत्तरप्रदेश) और सलीम खान (28 वर्ष), निवासी शिवालकास, मेरठ (उत्तरप्रदेश) शामिल हैं।