
नईदुनिया प्रतिनिधि, दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में उधारी रकम के लेनदेन विवाद को लेकर वर्दीधारी पर ही हमले और अपहरण का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलगांव थाना क्षेत्र में 11 लाख रुपये के पुराने लेनदेन के चलते छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (सीएएफ) के एक आरक्षक का दिनदहाड़े अपहरण कर लिया गया।
आरोपियों ने जवान को एक मकान में बंधक बनाकर बेरहमी से पीटा। हालांकि, आरक्षक की सूझबूझ और आधुनिक तकनीक के त्वरित इस्तेमाल से उसकी जान बच गई। उसने बंधक रहते हुए गुप्त रूप से अपने वरिष्ठ अधिकारियों को मोबाइल से लाइव लोकेशन भेज दी, जिसके बाद हरकत में आई पुलिस ने मौके पर दबिश देकर जवान को सकुशल मुक्त करा लिया।
पुलिस से मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीड़ित आरक्षक विजयशील रायगढ़ स्थित सीएएफ की छठवीं बटालियन में पदस्थ है। वह पारिवारिक कार्य से अपने गृह ग्राम खैरागढ़ से रविवार को दुर्ग पहुंचा था। इसी दौरान कोहका निवासी हरजिंदर कौर उर्फ हरजीत कौर ने उसे फोन करके दुर्ग बस स्टैंड मिलने के लिए बुलाया। बताया जाता है कि आरक्षक ने महिला से पूर्व में 11 लाख रुपये उधार लिए थे और रकम वापसी को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बस स्टैंड पर मुलाकात के दौरान महिला ने नाश्ता करने के बहाने आरक्षक को झांसा देकर अपनी कार में बैठा लिया।
कार में बैठाने के बाद महिला और उसके चालक ने वाहन को पुलगांव थाना क्षेत्र के गोकुल नगर की ओर मोड़ दिया। वहां एक ठिकाने पर आरक्षक को बंधक बना लिया गया और रकम वसूली के नाम पर उसके साथ जमकर मारपीट की गई। गंभीर स्थिति और जान का खतरा भांपते हुए आरक्षक विजयशील ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उसने आरोपियों की नजर बचाकर चुपके से अपने मोबाइल फोन से बटालियन के कमांडेंट और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को व्हाट्सएप के जरिए अपनी लाइव लोकेशन भेज दी।
जवान द्वारा संकटकालीन संदेश और लाइव लोकेशन मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलगांव थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तकनीकी लोकेशन को ट्रैक किया और चिन्हित ठिकाने पर छापा मारा। पुलिस टीम ने मौके से बंधक आरक्षक को सुरक्षित छुड़ाया और मुख्य आरोपी महिला हरजिंदर कौर (47 वर्ष) तथा उसके चालक कृष्ण कुमार सिन्हा को गिरफ्तार कर लिया।
थाना प्रभारी गुरविंदर सिंह सद्दू ने बताया कि पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 140(3), 251, 115(2) सहित अन्य धाराओं में अपराध दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।