
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। दुर्ग बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन को केंद्र बनाकर तैयार किए गए व्यापक रूट नेटवर्क के जरिए अब दुर्ग-भिलाई के शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ दूरदराज के ग्रामीण अंचलों तक आधुनिक इलेक्ट्रिक बसों की सीधी सेवा शुरू होने जा रही है। छत्तीसगढ़ शासन ने भिलाई-दुर्ग क्षेत्र के लिए कुल 50 पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक बसों की मंजूरी दे दी है। इस योजना के प्रथम चरण में आगामी नवंबर से 20 बसों का परिचालन शुरू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इसके लिए परिवहन विभाग ने प्राथमिक रूट चार्ट को अंतिम रूप दे दिया है।
ग्रामीण और उपनगरीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए तैयार किए गए रूट चार्ट के अनुसार, दुर्ग बस स्टैंड से प्रमुख ग्रामीण व व्यापारिक केंद्रों के लिए बसें रवाना होंगी। इस खंड में दुर्ग बस स्टैंड से बेरला, भिलाई पावर हाउस, साजा और गंडई बस स्टैंड तक नियमित इलेक्ट्रिक बसें चलाने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इन मार्गों पर बसें चलने से ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों, छोटे व्यापारियों और श्रमिकों को जिला मुख्यालय तथा प्रमुख औद्योगिक बाजारों तक आने-जाने के लिए सुलभ व किफायती साधन मिल सकेगा।
रूट चार्ट का दूसरा बड़ा हिस्सा दुर्ग रेलवे स्टेशन से शुरू होगा, जो स्वास्थ्य सेवाओं, हवाई यात्रा और प्रशासनिक केंद्रों को जोड़ेगा। इस रूट के तहत दुर्ग रेलवे स्टेशन से गुण्डरदेही, चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल, पाटन, उतई, रायपुर बस स्टैंड, माना एयरपोर्ट और नया रायपुर तक सीधी इलेक्ट्रिक बस सेवाएं प्रस्तावित की गई हैं। इस व्यवस्था से नियमित रेल यात्रियों, विद्यार्थियों, गंभीर मरीजों तथा विमान यात्रियों को बिना किसी परेशानी के तेज और सीधी यात्रा सुविधा मिल सकेगी।
शहरी और ग्रामीण मार्गों पर एक साथ इलेक्ट्रिक बसें उतरने से जहां आम जनता की निजी वाहनों पर निर्भरता घटेगी, वहीं सड़कों पर यातायात का दबाव भी कम होगा। शून्य प्रदूषण वाली ये बसें पर्यावरण संरक्षण में अहम भूमिका निभाएंगी और यात्रियों को महंगे ईंधन से राहत दिलाते हुए सस्ता सफर मुहैया कराएंगी।