विवादों से घिरे हेमचंद विवि के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर गिरी गाज, डॉ. अनिल कुमार पांडेय प्रभारी कुलसचिव नियुक्त
विभिन्न आरोपों से घिरे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर आखिरकार कार्रवाई की गई है।
Publish Date: Tue, 29 Sep 2026 07:52:51 PM (IST)Updated Date: Tue, 29 Sep 2026 07:52:51 PM (IST)
भूपेंद्र कुलदीप को कुलसचिव पद से हटाया गया। फाइल फोटोHighLights
- मुख्य रूप से तीन मामलों में आरोप लगे हैं
- परीक्षा मद से करीब 24 हजार दुरुपयोग का आरोप
- गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करने का आरोप
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। विभिन्न आरोपों से घिरे हेमचंद यादव विश्वविद्यालय के कुलसचिव भूपेंद्र कुलदीप पर आखिरकार कार्रवाई की गई है। उच्च शिक्षा विभाग ने उनकी गिरफ्तारी के करीब दो माह बाद उन्हें कुलसचिव के पद से हटा दिया है।
उन्हें कुलसचिव पद से हटाकर उच्च शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन, रायपुर में अटैच किया गया है। वहीं, साइंस कालेज दुर्ग के इतिहास के प्राध्यापक डा. अनिल कुमार पांडेय को विश्वविद्यालय का प्रभारी कुलसचिव नियुक्त किया गया है।
मुख्य रूप से तीन मामलों में आरोप लगे हैं
बता दें कि भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ मुख्य रूप से तीन मामलों में आरोप लगे हैं। इनमें गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करना, कार की मरम्मत के नाम पर विश्वविद्यालय की राशि का कथित दुरुपयोग करना तथा घरेलू कामगार को विश्वविद्यालय में नियमों के विपरीत नियुक्त करने और उसके वेतन की राशि अपने बेटे के खाते में स्थानांतरित कराने के आरोप शामिल हैं।
इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी
घरेलू कामगार शुंभागी मराठे को विश्वविद्यालय में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के रूप में सक्षम अनुमति के बिना नियुक्त करने और बाद में उसके वेतन को अपने बेटे के खाते में स्थानांतरित कराने के आरोपों को लेकर भूपेंद्र कुलदीप के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। इसी मामले में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। हालांकि, गिरफ्तारी के दिन ही उन्हें जमानत पर रिहा कर दिया गया था।
परीक्षा मद से करीब 24 हजार दुरुपयोग का आरोप
इसके अलावा, उन पर शासकीय कार की मरम्मत के फर्जी बिल प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय के परीक्षा मद से करीब 24 हजार रुपये की राशि का कथित तौर पर दुरुपयोग करने का आरोप है। आरोप है कि वाहन की मरम्मत के लिए बीमा दावा किए बिना विश्वविद्यालय की राशि से भुगतान किया गया।
गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करने का आरोप
इस मामले की जांच के लिए आयुक्त, उच्च शिक्षा द्वारा दो सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने अपनी रिपोर्ट में आरोपों की पुष्टि किए जाने का उल्लेख किया है। वहीं, भूपेंद्र कुलदीप पर गलत तरीके से पीएचडी की डिग्री हासिल करने का आरोप भी लगा है। इस प्रकरण की जांच निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा की गई है।