
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। उच्च शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में कम प्रवेश होने के कारण एडमिशन की तारीख बढ़ाकर 19 सितंबर कर दी है। तारीख बढ़ाए जाने के बावजूद कॉलेजों में बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में 18 सितंबर तक कुल 68 हजार 412 सीटों के मुकाबले सिर्फ 33 हजार 747 विद्यार्थियों ने ही प्रवेश लिया है। इस तरह अभी 34 हजार 665 सीटें रिक्त हैं।
आंकड़ों पर नजर डालें तो सबसे अधिक खाली सीटें यूजी पाठ्यक्रमों में हैं। यूजी में कुल 51 हजार 824 सीटें हैं, जिनमें से 26 हजार 846 पर प्रवेश हुआ है। इस तरह 24 हजार 978 सीटें खाली हैं। यूजी पाठ्यक्रमों के लिए कुल 71,030 आवेदन प्राप्त हुए थे, लेकिन आधे से ज्यादा छात्रों ने एडमिशन नहीं लिया।
पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की सीटें भी खाली हैं। पीजी में 11 हजार 228 सीटों में से 5 हजार 299 पर प्रवेश हुआ है। यहां अभी 5,929 सीटें रिक्त हैं। पीजी के लिए कुल 19,528 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसी तरह डिप्लोमा पाठ्यक्रमों में कुल 5 हजार 360 सीटें हैं, जिनमें से 1,602 पर प्रवेश हुआ है। यहां 3,758 सीटें खाली हैं। इन पाठ्यक्रमों के लिए कुल 2,954 आवेदन आए थे।
उच्च शिक्षा विभाग ने एडमिशन के लिए दो बार तारीख बढ़ाई है। प्रवेश की तारीख 31 जुलाई को समाप्त हो गई थी। इसके बाद विश्वविद्यालय स्तर पर इसे 14 अगस्त तक बढ़ाया गया। सीटें नहीं भरने के कारण उच्च शिक्षा विभाग ने पहली बार प्रवेश की तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त की थी। इसके बाद विभाग ने दोबारा तारीख बढ़ाते हुए 19 सितंबर तक प्रवेश की अनुमति दी है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई हैं।
हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से 155 से अधिक शासकीय और निजी कॉलेज संबद्ध हैं। विश्वविद्यालय में 47 यूजी, पीजी और डिप्लोमा पाठ्यक्रम संचालित होते हैं। इनमें 12 यूजी, 29 पीजी और चार डिप्लोमा पाठ्यक्रम शामिल हैं।