
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। छत्तीसगढ़ राज्य बिजली कंपनी के अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ देने की मांग को लेकर 12 अधिकारी-कर्मचारी संगठनों ने संयुक्त मोर्चा खोल दिया है। कंपनी अधिकारी-कर्मचारी पुरानी पेंशन अधिकार मंच के बैनर तले आंदोलन के पहले चरण में दुर्ग में संयुक्त आमसभा आयोजित कर कंपनी के कार्यपालक निदेशक दुर्ग क्षेत्र शिरीष शैलेट को ज्ञापन सौंपा गया। संगठनों ने शासन की सैद्धांतिक सहमति के बावजूद ओपीएस लागू नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई।
अधिकार मंच ने छत्तीसगढ़ शासन, ऊर्जा विभाग के छह अक्टूबर 2023 के आदेश का हवाला देते हुए कहा गया कि एक जनवरी 2004 या उसके बाद नियुक्त तथा नवीन अंशदायी पेंशन योजना से जुड़े अधिकारी-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन प्रणाली में स्थानांतरित करने के लिए सैद्धांतिक सहमति दी गई थी।
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि शासन स्तर पर सहमति के बाद भी पावर कंपनी में इसका क्रियान्वयन लंबित है। इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल पत्रोपाधि अभियंता संघ के प्रांतीय अध्यक्ष इंजीनियर श्रीकांत बड़गैंया ने कहा कि ओपीएस कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ा विषय है। सभी 12 संगठनों ने एकजुट होकर प्रदेशव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया है। पहले चरण में क्षेत्रीय मुख्यालयों में संयुक्त आमसभा एवं ज्ञापन कार्यक्रम किए गए।
संगठन के द्वारा मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर मांग के समर्थन में पहल करने का आग्रह किया जाएगा। अगले चरण में पांच अक्टूबर को कंपनी मुख्यालय डंगनिया, रायपुर में आमसभा होगी। मंच ने प्रबंधन से शासन की पूर्व सहमति के अनुरूप बिना विलंब ओपीएस लागू करने की मांग की है