भिलाई। दुर्ग-मरोदा के बीच धनोरा रेलवे क्रासिंग के पास रेलवे के दो ओएचई टावर वैगन के आपस में टकराने की घटना में घायल दोनों कर्मियों की स्थिति पहले से बेहतर है। इधर रेलवे ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना में दोनों ओएचई टावर वैगन को नुकसान पहुंचा है। रेलवे ने फिलहाल मरोदा से दुर्ग के बीच कंडक्टर बदलने का काम रोक दिया है।

उल्लेखनीय है कि रेलवे द्वारा दुर्ग से मरोदा के बीच रेल की उधा क्षमता वाली बिजली लाइन में लगे कंडक्टर को बदला रहा है। कुल 14 किलोमीटर दायरे में यह काम करीब एक माह से चल रहा है। इस लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही होने की वजह से ब्लाक लेकर काम किया जाता है। इस काम में रेलवे के ओएचई विभाग भिलाई-3 के कर्मचारी भी लगाए जा रहे हैं। बीते मंगलवार को दोपहर 12.45 से 14.45 बजे तक मरोदा से दुर्ग के बीच ब्लाक लिया गया था। ब्लाक लेने के बाद मरोदा स्टेशन से दुर्ग की ओर रेलवे के दोनों ओएचई टावर वैगन एक के पीछे एक दुर्ग की ओर रवाना हुए। धनोरा रेलवे क्रासिंग के पास फाटक खुला था और पटरी पर रेड फ्लैग लगा हुआ था। इसे देख सामने चल रहे ओएचई टावर वैगन के चालक ने स्पीड धीरे कर दी। वहीं इसके ठीक पीेछ आ रहे ओएचई टावर वैगन का चालक अचानक स्पीड कंट्रोल नहीं कर पाया और सामने दूसरे वैगन से जा टकराया था। इस घटना में तकनीशियन अजय कुमार व एस. नागेश्वर राव को गंभीर चोट आने पर सुपेला के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उनकी पूरी जांच की गई। उनकी स्थिति पहले से बेहतर है।

हो सकता था बड़ा हादसा

इस घटना की जानकारी के बाद डीआरएम श्याम सुंदर गुप्ता मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने घटना की जांच के आदेश उसी समय दे दिए थे। बताया जाता है कि वहां बड़ी दुर्घटना भी हो सकती थी, इसमें जान और माल दोनों का नुकसान हो सकता था। इस घटना में रेलवे का एक ओएचई टावर वैगन भीतर से क्षतिग्रस्त हो गया है। मरम्मत के बगैर उसका उपयोग संभव नहीं है। आज अफसरों की टीम ने इसकी जांच की। इसके अलावा कर्मचारियों से भी बयान लिया गया। रेलवे का मानना है कि यहां पर बड़ा हादसा हो सकता था। इस वजह से मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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