
नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। बीएसपी के लिए लाइफ लाइन व बहुप्रतीक्षित दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन परियोजना के ताड़ोकी-रावघाट खंड पर मंगलवार को ट्रेन 110 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ी। करीब 18 किलोमीटर लंबे विद्युतीकृत ब्राडगेज रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त (सीआरएस), दक्षिण पूर्व परिमंडल कोलकाता सुमीत सिंघल ने निरीक्षण के साथ गति परीक्षण किया।
इसके साथ ही परियोजना के इस महत्वपूर्ण खंड के कमीशनिंग की दिशा में एक और अहम चरण पूरा हो गया। उनकी रिपोर्ट के आधार पर यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू होगा। अक्टूबर में इसकी संभावना है।
सीआरएस स्पेशल ट्रेन से ताड़ोकी से रावघाट तक रेलखंड का निरीक्षण किया गया। इस दौरान रेल लाइन, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग तथा अन्य संरक्षा एवं तकनीकी व्यवस्थाओं को परखा गया। निर्धारित मानकों के अनुसार रेलखंड की परिचालन क्षमता और सुरक्षा व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (निर्माण) मुदित भटनागर, रायपुर मंडल के मंडल रेल प्रबंधक दयानंद, रेल विकास निगम लिमिटेड के सरोज कांता पात्रा, भावेश पांडे, कन्हैया गोयल सहित रेलवे और आरवीएनएल के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
आरएस का निरीक्षण और 110 किमी प्रति घंटे की गति से किया गया परीक्षण नई रेल लाइन के कमीशनिंग की दिशा में महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। रेल प्रशासन द्वारा निर्धारित संरक्षा मानकों और आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा करते हुए यात्री ट्रेनों का परिचालन शुरू हो जाएगा। वर्तमान में इस रेल खंड पर मालगाड़ी का परिचालन हो रहा है।
दल्लीराजहरा-रावघाट रेल परियोजना केवल रेल संपर्क बढ़ाने वाली परियोजना नहीं है, बल्कि भिलाई इस्पात संयंत्र (बीएसपी) के लिए लाइफ लाइन के रूप में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रावघाट क्षेत्र में लौह अयस्क की उपलब्धता और उसके परिवहन को देखते हुए यह रेल संपर्क बीएसपी की दीर्घकालीन जरूरतों से जुड़ा है। वर्तमान में दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री रेल सेवा उपलब्ध है। ताड़ोकी-रावघाट खंड शुरू होने से परियोजना का अगला महत्वपूर्ण हिस्सा रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
रेल परिचालन शुरू होने से रावघाट और आसपास के दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी। लोगों को आवागमन का बेहतर विकल्प मिलने के साथ कृषि उत्पादों और स्थानीय व्यापारिक वस्तुओं के परिवहन में सुविधा होगी। रेल संपर्क से शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के अवसरों तक पहुंच आसान होने के साथ क्षेत्र में पर्यटन, निवेश और अन्य आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।