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भिलाई इंडस्ट्रियल एरिया में सैकड़ों उद्योगों के सामने मंडरा रहा तालेबंदी का संकट, कलेक्टर से मिले व्यापारी

भिलाई के औद्योगिक क्षेत्रों में 12 से 14 घंटे की अघोषित बिजली कटौती से उद्योगों पर तालाबंदी का खतरा मंडराने लगा है। फर्नेस में कच्चा माल फंसने से करोड...और पढ़ें

By T Surya RaoEdited By: Paritosh Dubey
Publish Date: Thu, 15 Oct 2026 03:35:51 PM (IST)Updated Date: Thu, 15 Oct 2026 03:38:14 PM (IST)
भिलाई इंडस्ट्रियल एरिया में सैकड़ों उद्योगों के सामने मंडरा रहा तालेबंदी का संकट, कलेक्टर से मिले व्यापारी
कलेक्टर को ज्ञापन साैंपते व्यवसायी। - व्यवसायी

HighLights

  1. भिलाई के उद्योगों में चौदह घंटे बिजली गुल
  2. कलेक्टर जल्द जारी करेंगे बिजली कटौती का शेड्यूल
  3. फर्नेस में माल फंसने से भारी आर्थिक नुकसान

नईदुनिया प्रतिनिधि, भिलाई। भिलाई के उद्योगों में 12 से 14 घंटे तक हो रही अघोषित बिजली कटौती से उत्पादन प्रभावित होने और करोड़ों रुपये के नुकसान की आशंका को लेकर बीएसपी एंसिलरी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने मोर्चा खोल दिया है।

एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने अध्यक्ष रतन दासगुप्ता के नेतृत्व में जिला कलेक्टर अभिजीत सिंह से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उद्योगपतियों ने अघोषित बिजली कटौती तत्काल बंद करने और औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने की मांग की।

फर्नेस में माल फंसने से करोड़ों के नुकसान की आशंका

एसोसिएशन के अध्यक्ष रतन दासगुप्ता ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से भिलाई के उद्योगों में लगातार अघोषित बिजली कटौती हो रही है। 12 से 14 घंटे तक बिजली बंद रहने से उत्पादन व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। बिजली गुल होने से फर्नेस में माल फंस जाता है, जिससे कच्चे माल और तैयार उत्पाद को नुकसान पहुंचने के साथ करोड़ों रुपये की क्षति की आशंका बनी हुई है। उद्योगों के सामने उत्पादन का लक्ष्य पूरा करने की चुनौती है। वहीं दीपावली का त्योहार नजदीक है और श्रमिकों को बोनस भी देना है। ऐसे में लंबी बिजली कटौती उद्योगों की आर्थिक मुश्किलें बढ़ा रही है।


उद्योग बंद हुए तो रोजगार पर भी पड़ेगा असर

प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के सामने कहा कि केंद्र सरकार विकसित भारत के निर्माण का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसके लिए उद्योगों को प्रोत्साहन देना और उत्पादन की अनुकूल परिस्थितियां उपलब्ध कराना जरूरी है। लेकिन अघोषित बिजली कटौती से उद्योगों का संचालन मुश्किल हो रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो कई उद्योगों में तालाबंदी की नौबत आ सकती है। इसका असर केवल उद्योग संचालकों पर ही नहीं, बल्कि वहां काम करने वाले श्रमिकों और उनसे जुड़े रोजगार पर भी पड़ेगा।

कलेक्टर ने बिजली अधिकारियों को दिए निर्देश

उद्योगपतियों की समस्याएं सुनने के बाद कलेक्टर अभिजीत सिंह ने तत्काल बिजली विभाग के उच्च अधिकारियों से चर्चा की और समस्या के निराकरण के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उद्योगों में बिजली कटौती का शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा। इससे उद्योग संचालकों को पहले से जानकारी मिल सकेगी और वे बिजली कटौती के समय के अनुसार उत्पादन की योजना बना सकेंगे। कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि उद्योगों को होने वाली परेशानी दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।