भिलाई(नईदुनिया प्रतिनिधि)। यूनिक दहाटे अपार्टमेंट के संचालकों के खिलाफ रेरा ने निर्णय सुनाया है। रेरा ने बिल्डर्स को निर्देशित किया है कि वह पीड़ित बुजुर्ग को दो महीने के भीतर मूलधन की राशि मय ब्याज लौटाए। तब तक रेरा ने अपार्टमेंट की खरीदी बिक्री पर भी रोक लगा दी है। साथ ही धारा 3 के तहत बिल्डर पर कार्रवाई करने का आदेश भी जारी कर दिया।
रेरा से प्राप्त जानकारी के शांति नगर भिलाई में यूनिक दहाटे नाम से अपार्टमेंट का निर्माण किया जा रहा है। जिसमें शकुंतला दहाटे, मो. वकील अहमद तथा मोहम्मद रशीद पार्टनर है। 11 मार्च 2015 को फरीद नगर कोहका निवासी मोहम्मद नइम ने इस अपार्टमेंट में फ्लैट खरीदने के लिए इकरारनामा किया था। 30 लाख रुपये में फ्लैट का सौदा तय हुआ। जिसमें 18 लाख रुपये चेक के माध्य्म से ले लिया गया। 12 लाख रुपये रजिस्ट्री के समय देने की बात हुई।
मोहम्मद नईम के मुताबिक 18 लाख रुपये लेने के बाद काफी दिनों तक यूनिक दहाट अपार्टमेंट के प्रबंधकों ने रजिस्ट्री के लिए रुचि नहीं दिखाई। साथ ही उनके द्वारा अपार्टमेंट के बी ब्लाक के तृतीय तल में क्रय किया गया फ्लैट नम्बर 105 का निर्माण भी पूरा नहीं कराया। मोहम्मद नईम अपने अधिवक्ता डेरेश्वर बंजारे तथा इमरान शेख के माध्यम से छत्तीसगढ़ भू संपदा विनियक प्राधिकरण (रेरा) के समझ परिवाद प्रस्तुत किया। साथ ही यह भी बताया कि यह संस्था रेरा में पंजीकृत नहीं है।
भिलाई नगर निगम से भवन पूर्णता प्रमाण पत्र भी प्राप्त नहीं है। रेरा ने दोनों पक्षों के तर्को, तथ्योंं का अवलोकन किया। मामले में यूनिक दहाटे अपार्टमेंट के प्रबंधकों का कहना था कि उनके द्वारा 30 लाख में इकरारनामा किया गया था। मोहम्मद नईम ने इकरारनामा का उल्लंघन किया तथा बार बार बोलने के बावजूद रजिस्ट्री की बात टालते रहे। इसके लिए उन्हें नोटिस भी भिजवाया गया। उन्होंने उसे भी नजर अंदाज कर दिया।
साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए संचालक
रेरा ने दोनों पक्षों की सुनवाई की। अपार्टमेंट के संचालकों से यह भी पूछा कि प्लैट खरीदने के लिए 60 प्रतिशत राशि देने के बाद कोई व्यक्ति 40 प्रतिशत राशि क्यों नहीं देना चाहेगा। रेरा के समझ यूनिक दहाटे अपार्टमेंट के संचालक इस बात का साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पाए कि उन्होंने मोहम्मद नईम को बार बार रजिस्ट्री कराने के लिए कहा था।