
भिलाई, नईदुनिया प्रतिनिधि। देश में पहली बार युद्धपोत का बेस तैयार किया जा रहा है। इसके लिए बीएसपी का स्टील इस्तेमाल हो रहा। साथ ही युद्धपोत और नौसेना के जहाजों में इस्तेमाल होने वाले बीएसपी के प्लेट को बेहतर स्टील का दर्जा भी मिल गया है। सख्त पैमाने पर परखने के बाद इसे प्रमाणित किया गया। अब बीएसपी ही स्टील प्लेट की सप्लाई करती रहेगी। प्रमाण पत्र इंडियन रजिस्ट्रार ऑफ शिपिंग (आईआरएस) की ओर से दिया गया है। आठ मिमी से 45 मिमी तक प्लेट की मोटाई के साथ सामान्य शक्ति (ए, बी और डी) की आईआरएस ग्रेड प्लेटों को गुरुवार को आईआरएस के अधिकारियों ने संयंत्र के वरिष्ठ अधिकारियों को कार्य अनुमोदन प्रमाण-पत्र सौंपा।
भिलाई इस्पात संयंत्र कई दशकों से जहाज निर्माण के लिए उपयुक्त ग्रेड प्लेट का उत्पादन करता आ रहा है। बीएसपी के पास भारतीय नौसेना के लिए शिप बिल्डिंग ग्रेड प्लेट्स और युद्धपोत ग्रेड प्लेट्स डीएमआर 249-ए का उत्पादन करने के साथ ही लॉयड्स रजिस्टर एशिया (एलआरए), अमेरिकन ब्यूरो ऑफ शिपिंग (एबीएस) और डेटनोर्स्कवेरिटास (डीएनवी) से प्रमाणन है। भारतीय नौसेना के लिए विशेष प्रकार के जहाजों के निर्माण के लिए नवीनतम आईआरएस प्रमाणीकरण बीएसपी, हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को जहाज निर्माण के ग्रेड प्लेटों की आपूर्ति करने में सक्षम होगा।
उल्लेखनीय है कि डीएमआर 249ए ग्रेड प्लेटें जिसका उत्पादन बीएसपी करता है। इसका उपयोग विमानवाहक पोत आइएनएस विक्रांत आदि में किया जा रहा है। जनसंपर्क विभाग के डीजीएम सुबीर दरीपा ने बताया कि डायविंग सपोर्ट वेसल्स (डीएसवी) का निर्माण पहली बार देश में ही किया जा रहा है। हिन्दुस्तान शिपयार्ड शिप वेसल्स जिम्मेदारी उठा रहा यहै। इसके लिए भिलाई इस्पात संयंत्र की इंडियन रजिस्टर ऑफ शिपिंग (आईआरएस) प्रमाणीकृत प्लेट को उपयोग में लाया जाएगा।
पनडुब्बियों, जहाजों और संरचनाओं में स्पेशल स्टील जरूरी
रक्षा मंत्रालय के अंतर्गत केंद्रीय सार्वजनिक उपक्रम मेसर्स हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड भारतीय नौसेना के लिए जलयानों के विभिन्न प्रकारों और अन्य जहाजों का निर्माण करता है। वर्तमान में मेसर्स हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को भारतीय नौसेना के लिए डिवाइन सपोर्ट वेजल्स (डीएसवी) का कार्यादेश मिला है। इन जहाजों का उपयोग पानी के नीचे पनडुब्बियों और अन्य जहाजों-संरचनाओं की खोज, बचाव और मरम्मत के लिए किया जाता है। दिए गए आदेशों को देखते हुए हिंदुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को प्लेटों की अत्यधिक आवश्यकता है।
स्वदेशी ग्रेड वाले जहाजों में उपयोग
भारतीय नौसेना द्वारा 'मेक इन इंडिया' कार्यक्रम के तहत स्वदेशी ग्रेड वाले जहाजों के विकास के लिए दिए गए जहाजों के हाल ही के आदेशों में भारतीय नौसेना ने स्टील प्लेटों को इंडियन रजिस्ट्रार ऑफ शिपिंग (आईआरएस) द्वारा प्रमाणित करने की सिफारिश की। आईआरएस निरीक्षण के साथ प्लेटों की आपूर्ति करने के लिए आइआरएस से प्रारंभिक 'कार्य अनुमोदन प्राप्त करना अनिवार्य था। भिलाई इस्पात संयंत्र में आईआरएस सर्वेयर द्वारा उनकी अनुमोदन प्रक्रियाओं के अनुसार 'कार्य अनुमोदन प्रक्रिया की गई।
प्रणाली-प्रक्रिया व समीक्षा पर फैसला
सर्वेक्षण में बीएसपी में अपनाई गई मौजूदा प्रणालियों और प्रक्रियाओं की समीक्षा की गई। एसएमएस-2, प्लेट मिल और आरसीएल (एफपी, एसएमएस-2 और मेटलोग्राफी) के विभिन्न अनुभाग को शामिल किया गया। आईआरएस अनुमोदन प्रक्रियाओं द्वारा आज्ञापत्र के अनुसार अनेक प्रलेखन और परीक्षण गतिविधियों में संयंत्र के प्लेट मिल और आरसीएल बिरादरी शामिल थे। आईआरएस सर्वेयर्स की मौजूदगी में समान ग्रेडों के विभिन्न प्लेट्स के नमूनों के परीक्षण किए गए, जिसमें आईआरएस स्पेसिफिकेशन के अनुसार निरीक्षण, परीक्षण और सुपुर्दगी शर्तों के सभी आवश्यक मानदंडों को पूर्ण किए गए।
आईआरएस के जिम्मेदारों से बीएसपी अफसरों को मिला प्रमाण-पत्र
आईआरएस के जितेश नाइक द्वारा महाप्रबंधक (प्लेट मिल) के कार्यालय में आईआरएस प्रमाण पत्र को महाप्रबंधक (प्लेट मिल) एमएम गद्रे और उप महाप्रबधंक प्रभारी (गुणवत्ता) सत्य प्रकाश को सौंपा गया। इस अवसर पर प्लेट मिल और आरसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उप महाप्रबंधक (प्लेट मिल) भास्कर रॉय, एमके गोयल और आरसीएल के सहायक महाप्रबंधक द्वय सुधीर रामकृष्ण व बिपिन कुमार शामिल रहे।
बीएसपी कर रहा 1600 टन प्लेट का उत्पादन
भारतीय नौसेना द्वारा दिए गए आदेशों को देखते हुए हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड को प्लेटों की अत्यधिक आवश्यकता है। प्रमाणित होने के बाद, बीएसपी के प्लेट मिल ने मेसर्स हिन्दुस्तान शिपयार्ड लिमिटेड के लिए लगभग 1600 टन आईआरएस ग्रेडबी प्लेटों का उत्पादन कर लिया है, जिसमें से लगभग 400 टन का डिस्पैच किया गया है और आईआरएस सर्वेयर्स द्वारा शेष प्लेटों का निरीक्षण अंतिम प्रक्रिया में है।