बीजापुर में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद, छह गिरफ्तार
बीजापुर वनमंडल की टीम ने वन्यजीव तस्करों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद की तथा छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
Publish Date: Thu, 05 Nov 2026 10:48:28 PM (IST)Updated Date: Thu, 05 Nov 2026 10:50:30 PM (IST)
तेंदुए की खाल व पैंगोलीन के शल्क के साथ गिरफ्तार आरोपी। - वन विभागHighLights
- वन विभाग ने वन्यजीव तस्करों पर कसा शिकंजा
- पैंगोलिन के शल्क और तेंदुए की खाल बरामद
- कार्रवाई के दौरान छह आरोपियों को किया गिरफ्तार
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर वनमंडल में वन्यजीवों के संगठित शिकार और अवैध व्यापार के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई को अंजाम दिया है। वन विभाग की टीम ने सबसे पहले गंगालूर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम रेड्डी में दबिश दी। छापेमारी के दौरान टीम ने मौके से 9.260 किलोग्राम वजनी पैंगोलिन के शल्क (स्केल) बरामद किए। इस मामले में चार संदिग्ध आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान वन्यजीव अंगों की खरीद-फरोख्त और संगठित तस्करी से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आए। तस्करों से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने बासागुड़ा क्षेत्र के ग्राम मल्लेपल्ली में दूसरी दबिश दी, जहां से तेंदुए की एक खाल बरामद की गई। इस दूसरी कार्रवाई के दौरान दो अन्य आरोपियों को भी हिरासत में लिया गया। इस प्रकार वन विभाग के दोनों अभियानों में कुल मिलाकर छह आरोपियों को धर दबोचा गया है।
गैर-जमानती अपराध के तहत दर्ज हुआ मामला
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि पैंगोलिन और तेंदुआ दोनों ही वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 की अनुसूची-I में शामिल अति संरक्षित और दुर्लभ प्रजातियां हैं। इन वन्यजीवों का शिकार करना, उनके अंगों का संग्रह करना या उनका अवैध व्यापार करना गैर-जमानती अपराध की श्रेणी में आता है। इन मामलों में कठोर कारावास और अर्थदंड का प्रावधान है।
डीएफओ सागर जाधव की आम नागरिकों से अपील
बीजापुर के प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) सागर जाधव ने आम नागरिकों से कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति को क्षेत्र में वन्यजीवों के शिकार अथवा उनके अंगों के अवैध व्यापार से जुड़ी कोई भी जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत इसकी सूचना नजदीकी वन विभाग के कार्यालय को दें, ताकि समय रहते ऐसे अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई की जा सके।