
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में पुलिस ने अवैध गतिविधियों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय जुए के अड्डे का पर्दाफाश किया है।
मुर्गा लड़ाई यानी कॉक फाइटिंग की आड़ में सुनियोजित तरीके से लाखों रुपये का दांव लगाया जा रहा था, जहां दूर-दूर से लोग अपनी किस्मत आजमाने पहुंचे थे। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से जुआरियों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
यह पूरा हाई-प्रोफाइल जुआ खेल थाना भद्राकाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दुर्गम रैगुड़ा के जंगल में चल रहा था। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस अवैध अड्डे पर पड़ोसी राज्यों महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश से भी शौकीन लोग महंगे चारपहिया वाहनों में सवार होकर पहुंच रहे थे।
मुर्गा लड़ाई के नाम पर ग्रामीण आंचल में सजे इस बड़े फड़ में लाखों रुपये के वारे-न्यारे हो रहे थे। तस्करों और जुआरियों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए इस गुप्त स्थान को चुना था, लेकिन खाकी की खुफिया तंत्र के आगे उनकी योजना धरी रह गई।
मामले की भनक लगते ही पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता के मार्गदर्शन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राहुल बंसल के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। पुलिस ने किसी भी आरोपी को भागने का मौका न देने के लिए एक अचूक रणनीति बनाई।
टीम ने जुआ स्थल तक जाने वाले सभी रास्तों को पहले ही सील कर दिया और चारों तरफ से जंगल की कड़ी घेराबंदी कर ली। इसके बाद अचानक दी गई इस दबिश से मौके पर मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी कर एक साथ 156 लोगों को धर दबोचा।
पुलिस ने मौके से कुल 20 लाख 1 हजार 200 रुपये नकद, 47 लग्जरी चारपहिया वाहन और 12 मोबाइल फोन जब्त किए। पुलिस ने सभी पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ थाना भद्राकाली में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम और सार्वजनिक द्यूत अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कड़ा अपराध दर्ज कर लिया है।
अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने और इस तरह के अवैध सिंडिकेट्स को नेस्तनाबूद करने के लिए आगे भी ऐसी सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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