
नईदुनिया न्यूज बीजापुर। जिले के रुद्रारम स्थित बालिका एकलव्य आवासीय विद्यालय में नाबालिग छात्रा से कथित दुर्व्यवहार और छेड़छाड़ की शिकायत ने शासन स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने संज्ञान लेते हुए बीजापुर कलेक्टर विश्वदीप और पुलिस अधीक्षक को मामले की गंभीरता से जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद भोपालपटनम पुलिस ने आरोपित कंप्यूटर विज्ञान शिक्षक देवेंद्र दहय्या के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, छात्रा की मां ने 12 सितंबर को भोपालपटनम थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि शिक्षक ने छात्रा के साथ गलत नीयत से आपत्तिजनक व्यवहार किया। शिकायत के मुताबिक अलग-अलग अवसरों पर भी छात्रा के साथ कथित रूप से दुर्व्यवहार का प्रयास किया गया। छात्रा द्वारा विरोध किए जाने की बात भी शिकायत में कही गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध दर्ज कर मामले से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है।
आरोपित शिक्षक के विद्यालय से बिना सूचना चले जाने की जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि वह करीब चार दिन पहले संस्था से चला गया था। वह मूल रूप से हरियाणा का निवासी बताया गया है। पुलिस आरोपित की स्थिति और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच कर रही है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बालिका छात्रावासों और आवासीय विद्यालयों में दुर्व्यवहार या उत्पीड़न से संबंधित शिकायत मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
बीजापुर की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को बालिका छात्रावासों, आश्रमों और आवासीय विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। नियमित निरीक्षण के साथ अधीक्षकों और जिम्मेदार कर्मचारियों की उपस्थिति, परिसर की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और शिकायतों के निराकरण की प्रक्रिया की भी समीक्षा करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि छात्राओं के लिए ऐसी व्यवस्था बनाई जाए, जिसमें वे बिना भय और संकोच के अपनी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचा सकें। फिलहाल भोपालपटनम पुलिस मामले की विवेचना कर रही है।