
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। बीजापुर जिले में आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राजेश पांडे ने उसूर विकासखंड के कई पोर्टा केबिन विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक अमले की कार्यप्रणाली का जायजा लेने के साथ-साथ सीधे बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई-लिखाई, भोजन की गुणवत्ता और स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।
सोमवार को डीईओ ने अपनी इस औचक जांच के दौरान मुरकीनार, दुगईगुड़ा, तिम्मापुर, बासागुड़ा और सारकेगुड़ा स्थित आवासीय संस्थाओं का दौरा किया। हालांकि सभी संस्थाओं के अधीक्षक अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिले, लेकिन तीन अलग-अलग संस्थाओं में कुल 10 अनुदेशक अनुपस्थित पाए गए। इस तरह की लापवाही को गंभीरता से लेते हुए डीईओ ने सभी अनुपस्थित अनुदेशकों को कड़ी फटकार लगाई और अंतिम चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस जारी किया।
निरीक्षण के दौरान डीईओ ने बच्चों के शयन कक्षों की साफ-सफाई, मिलने वाले भोजन के मीनू और उसकी गुणवत्ता की जांच की। दुगईगुड़ा में कुछ बच्चों के बीमार होने की जानकारी मिलने पर उन्हें तुरंत अस्पताल में जांच कराने, उनकी पर्याप्त देखभाल करने और समय पर दवाइयां मुहैया कराने के निर्देश दिए गए। वहीं, तिम्मापुर में शौचालय और पूरे परिसर की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बासागुड़ा में नियमित कक्षाओं के साथ-साथ सेतु पाठ्यक्रम के विद्यार्थियों से भी उनकी पढ़ाई की प्रगति जानी गई।
डीईओ ने सभी अधीक्षकों को सख्त हिदायत दी कि वे हर समय परिसर में मौजूद रहें और बच्चों के स्वास्थ्य, भोजन, स्वच्छता तथा नियमित अध्ययन को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने अवकाश के दिनों में भी बच्चों को खेलकूद, मनोरंजन और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों से जोड़े रखने पर जोर दिया, ताकि उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित किया जा सके।