
नईदुनिया प्रतिनिधि, बीजापुर। जिले के गंगालूर स्थित पोर्टा केबिन आवासीय परिसर में तीन छात्राओं के गर्भवती होने का मामला सामने आने के बाद एक बार फिर पूरे शिक्षा तंत्र पर सवाल खड़े हो गए हैं। चिंताजनक बात यह है कि इसी परिसर में पिछले दो वर्षों में यह चौथा मामला है, जिससे छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर गंभीर प्रश्न उठने लगे हैं। जानकारी के अनुसार तीनों छात्राएं हायर सेकंडरी कक्षाओं में पढ़ती थीं। इनमें से एक छात्रा आरएमएसए के तहत संचालित पोर्टा केबिन आवासीय विद्यालय में दर्ज थी, जबकि दो छात्राएं सामने स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल की छात्राएं बताई जा रही हैं।
हालांकि तीनों एक ही छात्रावास परिसर में रहती थीं। इनमें दो छात्राएं 12वीं और एक 11वीं कक्षा की बताई जा रही हैं, जिनमें से दो नाबालिग हैं। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों द्वारा बनाए गए गर्भावस्था कार्ड से उनके गर्भवती होने की पुष्टि हुई है। ग्राउंड स्तर पर की गई पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया कि गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद लगभग पांच महीने पहले इन छात्राओं को चुपचाप संस्था से हटा दिया गया था और तब से वे नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थीं। हालांकि परीक्षा के दौरान दो छात्राओं ने 12वीं की परीक्षा दी थी। इनमें से एक छात्रा अब अपने घर की बजाय लड़के के घर पर रह रही है।
लड़के के परिवार का कहना है कि रविवार को शिक्षा विभाग के अधिकारी घर पहुंचे थे और किसी से इस मामले में चर्चा नहीं करने को कहा गया। छात्रावास की अधीक्षिका मीरा तिग्गा का कहना है कि यह मामला उनके कार्यकाल से जुड़ा नहीं है और छात्राएं लंबे समय से अनुपस्थित थीं। वहीं ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि छात्राओं के अवकाश से लौटने पर स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। इससे छात्रावास प्रबंधन की लापरवाही उजागर होती है। इधर छात्रावासों में होने वाली मासिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। बताया जा रहा है कि कई महीनों से नियमित स्वास्थ्य परीक्षण नहीं हुआ था।
मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया और रविवार को जिला शिक्षा अधिकारी व उनकी टीम गंगालूर पहुंचकर जांच में जुटी रही। टीम ने छात्राओं के गांवों में जाकर स्वजन से भी जानकारी ली। यह घटना इसलिए भी चिंता बढ़ाने वाली है क्योंकि मार्च 2024 में इसी पोर्टा केबिन छात्रावास की 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था। तब प्रेम संबंध का मामला बताकर गांव में समझौते के बाद मामला शांत हो गया था।
छात्राएं अपने गांव आती-जाती थीं और संभवतः इसी दौरान यह घटना हुई है। समाज में जागरूकता लाने के लिए महिला व बाल विकास तथा स्कूल शिक्षा विभाग लगातार प्रयास कर रहे हैं, हालांकि सामाजिक बदलाव धीरे-धीरे ही आएगा। - संबित मिश्रा, बीजापुर कलेक्टर
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