बिलासपुर में 4.03 करोड़ के 16 विकास कार्य अधूरे, कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस, तीन दिन में जवाब तलब
बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में 4.03 करोड़ रुपये के 16 विकास कार्य अधूरे मिलने पर राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने कार्यपालन अभियंता सह राज्य प्रवर्तित...और पढ़ें
Publish Date: Sun, 18 Oct 2026 05:42:22 PM (IST)Updated Date: Sun, 18 Oct 2026 05:42:22 PM (IST)
प्रतीकात्मक चित्रHighLights
- 4.03 करोड़ रुपये के 16 विकास कार्य अब भी अधूरे।
- कार्यपालन अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी हुआ।
- तीन दिन में जवाब और पोर्टल अपडेट करने का निर्देश।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: निर्धारित समय में विकास कार्य पूरे नहीं करने और आनलाइन पोर्टल पर उनकी प्रगति की जानकारी अद्यतन नहीं करने पर राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने नगर निगम बिलासपुर के कार्यपालन अभियंता सह राज्य प्रवर्तित योजना प्रभारी अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विभाग ने संबंधित अधिकारी से नोटिस मिलने के तीन दिन के भीतर जवाब देने और पोर्टल पर सभी लंबित जानकारियां अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
सूडा कार्यालय ने वित्तीय वर्ष 2018-19 से 2024-25 तक स्वीकृत विकास कार्यों की समीक्षा की थी। इसमें पाया गया कि नगर निगम क्षेत्र में स्वीकृत कई कार्य निर्धारित समयसीमा बीतने के बाद भी अधूरे हैं। पोर्टल पर 16 कार्य अब भी निर्माणाधीन दर्ज हैं, जबकि उनकी अद्यतन प्रगति की जानकारी अपलोड नहीं की गई है। विभाग ने इसे शासन के निर्देशों का उल्लंघन और कार्यों की निगरानी में लापरवाही माना है।
4.03 करोड़ रुपये से अधिक के कार्य लंबित
सूडा की सूची के अनुसार, लंबित कार्यों में वर्ष 2021-22 में स्वीकृत डा. बीआर आंबेडकर सर्वसमाज मांगलिक भवन का निर्माण शामिल है। इसके लिए 300 लाख रुपये स्वीकृत किए गए थे। इसके अलावा वर्ष 2018-19 के तहत चौबे कॉलोनी, सरकंडा सहित विभिन्न बस्तियों और कालोनियों में उद्यानों एवं पुष्पवाटिकाओं के विकास के 15 कार्य शामिल हैं। इनमें महामाया विहार, गायत्री नगर, विद्या नगर, कपिल नगर, देवकीनंदन दीक्षित नगर, साईधाम कॉलोनी तर्वा, गंगानगर, वसुंधरा नगर और अयोध्या नगरी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इन 16 कार्यों की कुल स्वीकृत राशि
जवाब नहीं मिला तो होगी कार्रवाई
नोटिस में निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारी तीन दिन के भीतर पोर्टल पर सभी जानकारियां अद्यतन कर सूडा कार्यालय को अवगत कराएं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।