
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। भारतीय स्टेट बैंक के बिल्हा ब्रांच में दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 रुपये के गबन का मामला सामने आया है। बैंक प्रबंधन की ओर से इसकी शिकायत एसीबी में की गई थी। शिकायत की जांच के बाद एसीबी की टीम ने बैंक के तत्कालीन कैशियर को गिरफ्तार न्यायालय में पेश किया। अब एसीबी की टीम ने आरोपित कैशियर के खिलाफ स्पेशल कोर्ट में चालान पेश कर दिया है।
एसीबी की ओर से बताया गया कि बिल्हा स्थित भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच मैनेजर पीयूष बारा ने एसीबी मुख्यालय में आर्थिक अनियमितता की शिकायत की थी। इसमें बताया गया कि बैंक के कर्मचारियों ने मिलकर 19 दिसंबर 2024 से दो जनवरी 2025 के बीच बैंक खातों और रिकार्ड में गड़बड़ी कर दो करोड़ छै लाख सैंतीस हजार 600 का गबन किया है।
बैंक की ओर से किए गए आंतरिक जांच में तत्कालीन कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा की भूमिका सामने आई थी। इस पर एसीबी ने 19 जनवरी को बैंक की कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा के खिलाफ धारा 13 (1) A,13(2) पीसी एक्ट व बीएनएस की धारा 316(5), 318(4),61(2), 338, 336(3), 340(2) के तहत जुर्म दर्ज कर लिया। इस बीच आरोपित कैशियर अपने ठिकाने से फरार हो गई थीं। इस पर एसीबी की ओर से उनकी तलाश की जा रही थी।
इसी बीच फरवरी महीने में एसीबी की टीम को सूचना मिली कि कैशियर तेजवथ थीरापतम्मा बिल्हा किसी काम से आई हैं। तब एसीबी की टीम ने घेराबंदी कर कैशियर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार कैशियर को एसीबी की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। आरोपित कैशियर से पूछताछ के बाद न्यायालय के आदेश पर उन्हें जेल भेज दिया गया। पूरे प्रकरण की जांच के बाद एसीबी की टीम ने आरोपित के खिलाफ सोमवार को न्यायालय में चालान पेश कर दिया है।