
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः आरएमकेके मार्ग रविवार दोपहर से बंद है, वह सोमवार रात तक भी बहाल नहीं हो सका। अधिकारी टूटे रपटा पर ही डोम लगाकर मिट्टी से पाटकर नया रास्ता तैयार करने में लगे हुए हैं। रविवार दोपहर हुई इस घटना ने तीन साल पुराने एक 50 साल पुराने चांपानाला पुल के टूटने की यादों को ताजा कर दिया। उस दौरान भी कोयले से लदे भारी भरकम ट्रक मनेंद्रगढ़ और कटघोरा मार्ग पर पड़ने वाले एनएच के टोल गेट से टैक्स बचाने के लिए इस मार्ग का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे थे।
60 साल पुराना अघोर आश्रम का पुल रविवार को बस गुजरने के दौरान बीच से टूट गया। नतीजा उस दौरान गुजर रही 35 यात्रियों से भरी बस फंस गई थी। कमजोर व कम दबाव झेलने के बना यह रपटा अचानक क्यों जर्जर हो गया, इसे लेकर ग्रामीणों का तर्क भी सटीक बैठता है। लालपुर निवासी शैलन्द्र सिंह ने बताया कि वे रोजाना अपनी बेटी को छोड़ने जाते हैं, उन्हे भारी संख्या में ट्रको की आवाजाही नजर आती है। उनका कहना है कि जो कोयले भरे ट्रक बुढार कालरी से होते हुए अनुपपुर-राजपुर होते गुजर जाता थे, वे अचानक से इस रूट पर डायवर्ट हो गए हैं।
लगभग 300 से अधिक ट्रक रोजाना सुबह सुबह दिखाई देते हैं। अन्य ग्रामीणों का कहना है कि यह प्रशासनिक अनदेखी का नतीजा है की चांपीनाला का रपटा अचानक पड़े दबाव को सह नहीं सका और टूट गया। ग्रामीणों का आरोप है कि अधिक ओवरलोड वाले इन वाहनों की इस मार्ग पर जांच नहीं होती है। वहीं अधिक दबाव से 60 साल पुराना रपटा धसक गया और 35 यात्रियों से भरी बस फंस गई। गनीमत रही कि यात्री सुरक्षित निकल आए, लेकिन लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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तीन साल पहले भी टूटा था
50 साल पुराना पुलकोटा-रतनपुर मार्ग पर स्थित 50 साल पुराना चांपी नाला पुल मई 2023 में क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके पीछे भी भारी वाहनों की आवाजाही अचानक से बढ़ने की बात सामने आई है। हालांकि बाद में 3.51 करोड़ की लागत से 30 मीटर लंबा नया पुल बनकर तैयार हुआ, जिसे बनने में दो साल लग गए। विभागीय प्रक्रिया और बारिश के कारण देरी हुई, लेकिन अब नया पुल तैयार होने से मार्ग के राहगीरों को तीन किमी अतिरिक्त चक्कर लगाने से बड़ी राहत मिली है।
अचानक बना कोल परिवहन का नया मार्ग, खनिज व आरटीओ बेखबर
कटघोरा नेशनल हाईवे पर बने टोल प्लाजा की फीस बचाने और मुख्य मार्ग पर खनिज की चेकिंग से बचने के लिए, भारी वाहन चालकों ने एनएच 45 को अपना नया शार्टकट कारीडोर बना लिया है। एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई और धनपुरी कालरी से उठने वाला कोयला अनूपपुर, कोतमा, बिजुरी और राजपुर के रास्ते इस रूट पर लाया जा रहा है।
ब्रिज टूटने के बाद रतनपुर मार्ग से रास्ता हुआ परिवर्तित
चांपीनाला रपटा धसकने के बाद एनएच 45 पर वाहनों की रफ्तार थम गई है। मार्ग बाधित होते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत एक्शन में आया। बिलासपुर से पेंड्रा जाने वाली गाड़ियों को भैंसाझार, बुछाली और बारीडीह मार्ग की ओर डायवर्ट किया जा रहा है। वहीं भारी गाड़ियों व बसों को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस जवान जगह-जगह तैनात रहकर ट्रैफिक डायवर्जन में लगे हुए हैं।
रतनपुर से केंवची तक बन रहा नया मार्ग दो साल में होगा पूरा
रतनपुर से केंवची (आरएमकेके) पेंड्रा रोड अमरकंटक मार्ग एनएच 45 के चौड़ीकरण और नए पुल-पुलियों के निर्माण का काम तेजी से जारी है। एनएचएआई के अनुसार इस पूरे नए मार्ग को तैयार होने में लगभग दो साल का समय लगेगा। तब तक ट्रैफिक का दबाव संभालने के लिए पुराने रपटे की वैकल्पिक मरम्मत की जा रही है, ताकि इस महत्वपूर्ण अंतरराज्यीय मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह ठप न हो।