
बिलासपुर नईदुनिया प्रतिनिधि: न्यायधानी की खाकी इन दिनों दोहरे संकट और अजब-गजब किस्सों से गुजर रही है। जहां आम जनता खाकी से अपनी सुरक्षा की आस लगाती है, वहीं तिफरा स्थित पुलिस कॉलोनी में एक प्रधान आरक्षक को अपने ही सहकर्मी के डंडे का शिकार होना पड़ा, तो दूसरी ओर सरकंडा क्षेत्र में चोरों ने दुस्साहस दिखाते हुए खुद थाने के प्रधान आरक्षक की बाइक पार्किंग से पार कर दी!
पहली घटना तिफरा पुलिस कॉलोनी की है, जहां पुलिस लाइन में पदस्थ प्रधान आरक्षक जय प्रकाश खांडे के बेटे की मोटरसाइकिल पड़ोसी सुनील जांगड़े का बेटा मांगकर ले गया और कहीं छोड़कर पैदल लौट आया। जब खांडे जी अपने बेटे के साथ गाड़ी पूछने पहुंचे, तो पड़ोस में ही रहने वाले सुनील जांगड़े, उनके बेटों और पत्नी ने आव देखा न ताव; गाली-गलौज करते हुए सीधे डंडे से हमला कर दिया। प्रधान आरक्षक खांडे जी के सिर और कंधे पर चोट आई और पांच दिन बाद किसी तरह हिम्मत जुटाकर सिरगिट्टी थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।
उधर, दूसरा मजेदार मामला सरकंडा थाना क्षेत्र की सिविल लाइन पुलिस कॉलोनी का है। यहां पदस्थ प्रधान आरक्षक दिवाकर वर्मा 15 अगस्त की रात अपनी ड्यूटी निभाकर घर लौटे और सीढ़ी के पास पार्किंग में बड़े भरोसे से लॉक लगाकर गाड़ी खड़ी कर गए।
सुबह सोकर उठे तो देखा कि चोरों ने 'स्वतंत्रता दिवस' का जश्न मनाते हुए पुलिस कॉलोनी के पार्किंग का गेट खोला और हवलदार साहब की बाइक पर हाथ साफ कर दिया। अब सरकंडा पुलिस अपनी ही कॉलोनी से उड़ी अपने ही हवलदार की बाइक खोजने में पसीना बहा रही है।
मांगी मोटरसाइकिल, मिला डंडा: तिफरा पुलिस कॉलोनी में सहकर्मी सुनील जांगड़े के बेटे द्वारा मोटरसाइकिल कहीं छोड़कर आने का सवाल पूछने पर विवाद भड़क गया।
सिर फूटा, एफआईआर में लगे ५ दिन: चार लोगों ने मिलकर प्रधान आरक्षक जय प्रकाश खांडे और उनके बेटे की पिटाई कर दी; सिरगिट्टी पुलिस ने 5 दिन बाद मामला दर्ज किया।
पुलिस कॉलोनी में चोरों की 'सर्जिकल स्ट्राइक': 15 अगस्त की रात ड्यूटी से लौटे सरकंडा थाने के प्रधान आरक्षक दिवाकर वर्मा की बाइक लॉक्ड पार्किंग से गायब हो गई।
रक्षक खुद बने पीड़ित: एक मामले में हवलदार अपने सहकर्मी से पिटे, तो दूसरे मामले में कानून के रक्षक की गाड़ी चोर ले गए; अब दोनों मामलों में 'जांच जारी' है।