
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर: शहर में बिजली वितरण कंपनी के फ्यूज काल सेंटर की कार्यप्रणाली लगातार सवालों के घेरे में है। उपभोक्ताओं की शिकायतों का समय पर निराकरण करने के बजाय अब काल सेंटर कर्मचारियों ने नया बहाना ढूंढ लिया है। बिजली गुल होने या लाइन फाल्ट की शिकायत दर्ज कराने वाले उपभोक्ताओं को यह कहकर टाल दिया जाता है कि अभी शिफ्ट बदल रही है, नई शिफ्ट के कर्मचारी पहुंचकर सुधार कार्य करेंगे।
चौंकाने वाली बात यह है कि विभागीय जानकारी के अनुसार काल सेंटर में शिफ्ट बदलने का निर्धारित समय रात 12 बजे है, लेकिन कर्मचारी रात 10:30 बजे से ही यही जवाब देना शुरू कर देते हैं। इससे उपभोक्ताओं को घंटों बिजली कटौती झेलनी पड़ रही है। शिकायत दर्ज होने के बावजूद सुधार दल मौके पर नहीं पहुंचता और लोग गर्मी व अंधेरे में परेशान होते रहते हैं।
उपभोक्ताओं का आरोप है कि काल सेंटर में फोन लगाने पर पहले तो लंबे समय तक काल होल्ड पर रखी जाती है, फिर कर्मचारी एक ही जवाब देकर पल्ला झाड़ लेते हैं। कई बार शिकायत नंबर तक देने में आनाकानी की जाती है। उपभोक्ताओं का कहना है कि यह रवैया पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना है और इससे बिजली वितरण कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि रात के समय बिजली बंद होने से सबसे अधिक परेशानी बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को होती है। इसके बावजूद शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कई इलाकों में घंटों बिजली बाधित रहने के बाद भी सुधार कार्य शुरू नहीं होता।
फ्यूज काल सेंटर में एक अधिकारी की ड्यूटी
फ्यूज काल सेंटर लापरवाही से नाराज उपभोक्ताओं ने मांग की है कि बिजली वितरण कंपनी फ्यूज काल सेंटर की कार्यप्रणाली की निगरानी बढ़ाए और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई करे। इसके साथ ही कंपनी के एक अधिकारी की नियमित ड्यूटी लगाई जाए, जो शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए प्रयास करें, ताकि लोगों को बार-बार एक ही बहाना सुनकर परेशान न होना पड़े।
यह भी पढ़ें- किडनी मरीजों के लिए बड़ी राहत; सिम्स में बढ़ीं डायलिसिस मशीनें, अब गंभीर रोगियों को महानगरों से मिली मुक्ति