बिलासपुर में अमानक निकले कीटनाशक, 14 दुकानों की बिक्री पर रोक, दो के लाइसेंस निरस्त 1 पर FIR
बिलासपुर में कृषि विभाग द्वारा की गई जांच में 15 कीटनाशक के नमूने अमानक पाए गए हैं। विभाग ने कड़ी कार्रवाई करते हुए 14 दुकानों के प्राधिकार पत्र निरस्...और पढ़ें
Publish Date: Thu, 22 Oct 2026 09:49:27 PM (IST)Updated Date: Thu, 22 Oct 2026 09:49:27 PM (IST)
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- बिलासपुर में कृषि विभाग की जांच में 15 कीटनाशक नमूने फेल।
- अमानक कीटनाशक बेचने वाली 14 दुकानों के प्राधिकार पत्र निरस्त।
- अनियमितता मिलने पर एक विक्रेता के खिलाफ दर्ज हुई FIR।
नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुरः खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग अब जिले में कीटनाशक विक्रेताओं के खिलाफ जांच अभियान चलाया गया था। 58 नमूने एकत्र कर प्रयोगशाला भेजे गए थे, जिनमें से 15 नमूने अमानक पाए गए हैं। लैब रिपोर्ट आते ही विभाग ने अमानक कीटनाशकों की बिक्री पर तत्काल रोक लगा दी है।
उप संचालक कृषि एमआर तिग्गा के अनुसार जिले में बीज, उर्वरक और कीटनाशकों की गुणवत्ता जांचने, तथा लाइसेंस शर्तों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए, जिला एवं विकासखंड स्तर पर गठित टीम निरीक्षण करने दुकानों में दबिश दी। जिले के कुल 129 कृषि आदान प्रतिष्ठानों की सघन जांच की गई। निरीक्षण में मिली गंभीर अनियमितताओं पर कड़ा रुख अपनाते हुए 14 दुकानों के कीटनाशक विक्रय प्राधिकार पत्र निरस्त कर दिए गए हैं, जबकि दो के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
इसके अलावा 17 दुकानों में कीटनाशक बिक्री पर प्रतिबंध लगाते हुए सात विक्रेताओं का स्टाक जब्त किया गया है। एक विक्रेता के खिलाफ पुलिस में एफआअआर दर्ज कराई गई है, वहीं दो प्रकरणों में न्यायालयीन कार्रवाई के लिए वरिष्ठ कार्यालय से अभियोजन स्वीकृति मांगी गई है। शेष 10 नमूनों की जांच रिपोर्ट आना बाकी है।
किसानों को दोहरा नुकसान
जेब कटी और फसल भी बर्बाद अमानक या नकली कीटनाशक का छिड़काव करने से किसानों को दोहरा झटका लगता है। एक तरफ महंगे दामों पर खरीदे गए रसायन से लागत बढ़ जाती है, वहीं दूसरी ओर कीटों व बीमारियों पर असर न होने से तैयार फसल चौपट हो जाती है। अंततः किसानों की पूरी मेहनत और पैदावार मिट्टी में मिल जाती है।
कंट्रोल रूम में दर्ज कराएं शिकायत
किसानों की सहायता और शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए उप संचालक कृषि कार्यालय में विशेष नियंत्रण कक्ष बनाया गया है। किसान कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 07752-470814 पर सूचना दर्ज करा सकते हैं। विभाग ने अपील की है कि किसान अधिकृत दुकानों से ही सामग्री खरीदें और पक्का बिल अवश्य लें।
किसानों को गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। अमानक कीटनाशक मिलने पर 14 दुकानों के प्राधिकार पत्र निरस्त किए गए हैं और एक पर एफआइआर कराई गई है। कालाबाजारी और अमानक सामग्री बेचने वालों के विरुद्ध आगे भी सघन जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। एमआर तिग्गा, उप संचालक कृषि बिलासपुर