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छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट : IPS रतन लाल डांगी पर आरोप प्रथमदृष्टया सही, पुराने पर भरोसा नहीं होने से नए जांच अधिकारी करेंगे नई जांच

छत्तीसगढ़ के आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ महिला द्वारा दर्ज शिकायत मामले में बिलासपुर हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा ह...और पढ़ें

By Kamlesh RajakEdited By: Manoj Kumar Tiwari
Publish Date: Thu, 01 Oct 2026 08:55:17 PM (IST)Updated Date: Thu, 01 Oct 2026 08:55:17 PM (IST)
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट : IPS रतन लाल डांगी पर आरोप प्रथमदृष्टया सही, पुराने पर भरोसा नहीं होने से नए जांच अधिकारी करेंगे नई जांच

HighLights

  1. आईपीएस रतन लाल डांगी पर लगे आरोप प्रथमदृष्टया पाए गए सही।
  2. निष्पक्ष जांच की याचिका पर हाई कोर्ट ने गृह सचिव से मांगा जवाब।
  3. नई जांच हेतु आईपीएस दीपांशु काबरा व प्रशांत अग्रवाल का नाम प्रस्तावित।

नईदुनिया प्रतिनिधि, बिलासपुर। आईपीएस अधिकारी रतन लाल डांगी के खिलाफ महिला की शिकायत से जुड़े मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर दायर याचिका पर छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय से जवाब मांगा है। बिलासपुर निवासी महिला ने याचिका में पहले की जांच प्रक्रिया और जांच अधिकारियों की निष्पक्षता पर सवाल उठाए हैं।

याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया कि मामले की प्रारंभिक जांच तत्कालीन आईजी आनंद छाबड़ा और तत्कालीन डीआईजी मिलना कुर्रे को सौंपी गई थी।

महिला का तर्क है कि जांच अधिकारियों की वरिष्ठता और आरोपी अधिकारी के साथ विभागीय पदक्रम को देखते हुए निष्पक्ष जांच को लेकर आशंका थी। सुनवाई के दौरान पुलिस विभाग की ओर से बताया गया कि प्रारंभिक जांच में लगाए गए आरोप प्रथमदृष्टया प्रमाणित पाए गए हैं। इसके बाद विभाग ने आगे की विभागीय जांच के लिए नई व्यवस्था का प्रस्ताव गृह विभाग को भेजा है।


नई जांच के लिए दो अधिकारियों के नाम

पुलिस मुख्यालय की ओर से गृह विभाग को भेजे प्रस्ताव में आईपीएस दीपांशु काबरा को जांच अधिकारी और आईपीएस प्रशांत कुमार अग्रवाल को प्रस्तुतकर्ता अधिकारी बनाए जाने की बात कही गई है। सितंबर में इस संबंध में गृह विभाग को प्रस्ताव भेजे जाने की जानकारी सामने आई थी।

हाई कोर्ट ने गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय को अपना जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। मामले में अगली सुनवाई आगामी तिथि पर होगी। इससे पहले अगस्त में भी हाई कोर्ट ने गृह सचिव और पुलिस मुख्यालय को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।

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