
नईदुनिया प्रतिनिधि,बिलासपुर। शासन और शिक्षा विभाग युक्तियुक्तकरण के तहत सभी स्कूलों में पर्याप्त शिक्षक होने का दावा कर रहा है, दूसरी तरफ जिला मुख्यालय से महज 30 किलोमीटर दूर तखतपुर के ग्राम पंचायत चितावर में इन दावों की पोल खुल गई है। यहां पूर्व माध्यमिक शाला के 150 बच्चों का भविष्य सिर्फ एक शिक्षक के भरोसे आश्रित है।
शिक्षा विभाग के दावों और मैदानी हकीकत में कितना बड़ा अंतर है, इसका जीता-जागता उदाहरण ग्राम चितावर में देखने को मिल रहा है। मंगलवार को छात्र-छात्राओं के साथ ग्रामीण बड़ी संख्या में पहुंचे। विभाग कागजों पर युक्तियुक्तकरण का ढिंढोरा पीटकर हर स्कूल में पर्याप्त सेटअप होने का हवाला दे रहा है, तो दूसरी तरफ चितावर मीडिल स्कूल के बच्चे शिक्षकों के लिए तरस रहे हैं। तीन साल से संचालित शासकीय स्कूल में केवल एक ही शिक्षक पदस्थ है, जिससे पठन-पाठन पूरी तरह ठप हो चुका है।
अव्यवस्था से आक्रोशित ग्राम पंचायत की सरपंच इंद्राणी देवा सिंगराल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। ग्रामीणों का कहना है कि एक अकेले शिक्षक के कारण बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है और अब तक उन्हें पिछला रिजल्ट भी नसीब नहीं हुआ है। मामले में कई बार डीईओ और बीईओ कार्यालय को अवगत कराया गया, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। नया शिक्षण सत्र शुरू होने के बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरने से नाराज अभिभावकों और जनप्रतिनिधी सोमवार को जनदर्शन में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे। स्कूली छात्र-छात्राओं और ग्रामीणों ने स्कूल में शिक्षकों की मांग की है।
नियमों की सरेआम धज्जियां
शिक्षा के अधिकार के तहत मीडिल स्कूल में 30 छात्रों पर एक शिक्षक होना अनिवार्य है। इस लिहाज से 150 बच्चों के इस स्कूल में कम से कम पांच शिक्षकों की तैनाती होनी चाहिए। लेकिन युक्तियुक्तकरण का दावा करने वाला विभाग यहां नियमों की धज्जियां उड़ाकर एक ही शिक्षक से सभी कक्षाएं संचालित करवा रहा है।
बोर्ड परीक्षा की वाजिब चिंता
स्कूल में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं के भविष्य को लेकर अभिभावकों की चिंता इस साल और ज्यादा बढ़ गई है। प्रभावित बच्चों का कहना है कि इस साल बोर्ड परीक्षा देनी है। बिना पढ़ाई के बोर्ड परीक्षा में बैठना मुश्किल हो जाएगा व रिजल्ट भी प्रभावित होने की आशंका है।
सरपंच ने मांगी किताबें
सरपंच इंद्राणी देवा सिंगराल ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बच्चों के दर्द को प्रशासनिक अधिकारियों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि नया शिक्षण सत्र शुरू हुए दिन बीत चुके हैं, लेकिन चितावर स्कूल में अभी तक बच्चों के लिए सरकारी किताबें नहीं पहुंची हैं। सरपंच ने बच्चों के लिए जल्द से जल्द पाठ्य सामग्रियां उपलब्ध कराने की मांग की।
क्या कहना है बच्चों का
वर्जन
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चितावर स्कूल में एक शिक्षक होने का मामला बेहद गंभीर है। ग्रामीणों और सरपंच ने अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है। जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अतिशेष शिक्षकों का समायोजन कर वहां नए शिक्षकों की पदस्थापना करें और बच्चों को किताबें व रुकी हुई अंकसूची जल्द उपलब्ध कराएं। प्रकाश सर्वे, प्रभारी कलेक्टर व नगर निगम आयुक्त बिलासपुर